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माफिया से महफूज़ हुई जमीन पर गरीबों के सपनों का घर, योगी ने बांटी चाबियां, अब संरक्षण देने वालों पर भी करेंगे कार्रवाई

माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे में रही जमीन पर अब गरीबों के सपनों का घर खड़ा है। सीएम योगी ने 72 परिवारों को चाबी सौंपी। मंच पर हुई शायरी से पंडाल गूंज उठा। जानिए कैसे बदली इस जमीन की किस्मत…
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लखनऊ

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Mahendra Tiwari

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Updated: 5 Nov 2025, 6:45 PM IST

योगी आदित्यनाथ

फोटो सोर्स योगी आदित्यनाथ X Account

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई। जमीन पर बने मकानों की चाबियां 72 परिवारों को सौंपीं। कभी माफियाओं के नियंत्रण में रही यह भूमि अब गरीबों के लिए आशियाना बन चुकी है। चाबी वितरण के दौरान माहौल भावनाओं से भर गया। जब एक लाभार्थी ने शायरी सुनाकर सीएम योगी का आभार जताया। और पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।

लखनऊ में एक ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन परिवारों को घरों की चाबियां सौंपीं। जिनके लिए कभी खुद का घर सिर्फ एक सपना था। यह वही जमीन है। जिस पर कभी माफिया मुख्तार अंसारी का कब्जा हुआ करता था। सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद यह भूमि मुक्त कराकर गरीबों के लिए मकान बनाए गए। बुधवार को हुए चाबी वितरण समारोह में 72 परिवारों को उनके नए घर मिले। समारोह में लखनऊ के सोनू कनौजिया जब मंच पर पहुंचे। तो उन्होंने एक शायरी पढ़ी, जिसने माहौल को भावनात्मक बना दिया। उनकी बातों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुस्कुरा पड़े और तालियां बजाने लगे। योगी ने अपने संबोधन में सोनू का जिक्र करते हुए मज़ाकिया लहजे में मंत्री सुरेश खन्ना की चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि गरीबों के भीतर भी सपने और अभिव्यक्ति की क्षमता होती है। बस मौका मिलना चाहिए।

योगी बोले- यह जमीन कभी माफिया के कब्जे में थी अब गरीबों के सपनों का घर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह जमीन कभी माफियाओं के कब्जे में थी। लेकिन आज यहां गरीबों के सपनों का घर खड़ा है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि जब यह जमीन खाली कराई जाए। तो इसे जनकल्याण के काम में लगाया जाए। सीएम ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं को संरक्षण देने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी गरीबों, व्यापारियों या महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा। उस पर सरकार सबसे कठोर कार्रवाई करेगी। यह घटना न सिर्फ माफिया राज के अंत का प्रतीक बनी। बल्कि उन गरीब परिवारों की उम्मीदों को भी नया आसमान दे गई। जिनके पास अब अपना घर है।