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Yogi government plan: पारिवारिक विवादों से निपटने के लिए सरकार की नई योजना, मिलेगा संपत्ति का लाभ, जानें कैसे

Special Gift Deed Scheme: पारिवारिक कलह से निपटने और कोर्ट पर बढ़ते भार को कम करने के उद्देश्य से सरकार पहल, गिफ्ट डीड योजना।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Sep 14, 2023

Gift Deed Scheme

Gift Deed Scheme

Gift Deed: उत्तर प्रदेश में घर-घर शांति और सौहार्द का वातावरण बनाने तथा अदालतों से संपत्ति संबंधी पारिवारिक विवादों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से योगी सरकार के माध्यम से चलाई गई है।

एक महीने के अंदर हुईं 43,574 गिफ्ट डीड

इस विशेष गिफ्ट डीड योजना का लाभ 5 अगस्त, 2023 से 12 सितम्बर 2023 तक 43 हजार 574 लोगों के माध्यम से उठाया गया। इससे जनता को 1807.31 करोड़ रुपए का लाभ मिला। यह जानकारी प्रदेश के स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने दी।

5 हजार रुपए किया गया स्टाम्प शुल्क

उन्होंने बताया कि अब रक्त सम्बधियों को सम्पति दान करने पर स्टाम्प शुल्क केवल 5 हजार रुपए है। इस योजना से पूर्व गिफ्ट डीड करने में स्टाम्प शुल्क सर्किल रेट के बराबर देना पड़ता था। उन्होंने बताया कि इस योजना के पूर्व रजिस्ट्री कराने की संख्या कम होती थी।

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इसके अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य में परिवार के सदस्यों पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू, सगा भाई (सगे भाई के मृतक होने की दशा में उसकी पत्नी), सगी बहन, दामाद के मध्य निष्पादित अचल सम्पत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क की अधिकतम सीमा 5,000 रुपए निर्धारित किया गया है।


योगी सरकार की गिफ्ट डीड योजना

गिफ्ट डीड (Gift Deed) ऐसा दस्तावेज है जिसके जरिए कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी चल/अचल प्रॉपर्टी गिफ्ट में देता है। विरासत में मिली प्रॉपर्टी के मामलों में गिफ्ट डीड (Gift Deed) विवादों की संभावना को कम करता है। गिफ्ट डीड (Gift Deed) के रजिस्ट्रेशन के लिए राज्य सरकार द्वारा शुल्क निर्धारित है। गिफ्ट में दी जाने वाली ऐसी वस्तु चल (Movable) या अचल (Immovable) प्रॉपर्टी हो सकती है। गिफ्ट विलेख उत्तराधिकार के मामलों में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है क्योंकि यह प्रॉपर्टी के मालिक द्वारा तैयार की गई वैध 'वसीयत' से अलग होती है।

वसीयत के विपरीत, गिफ्ट विलेख तुरंत प्रभावी हो जाता है, और इसे लागू कराने के लिए अदालत जाने की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए, गिफ्ट डीड (Gift Deed) से वसीयत की तुलना में समय बचाता है। गिफ्ट डीड (Gift Deed) के तहत, प्रॉपर्टी देने वाले व्यक्ति को डोनर कहा जाता है, और रिसीवर को 'प्राप्त करने वाला (Donee)' कहा जाता है।