9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

हर जिले में एक-एक कंपोजिट स्कूल बनाएगी यूपी सरकार, 5000 स्मार्ट क्लास, स्टूडेंट्स को मिलेंगे ये लाभ

केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी यूपी सरकार प्रदेश के हर जिले में नाबार्ड के सपोर्ट से एक-एक कंपोजिट स्कूल का निर्माण करवाएगी। इतना ही नहीं, मॉड्यूल कंपोजिट स्कूल के साथ-साथ प्रदेश में अभ्युदय कंपोजिट स्कूल की शुरुआत भी की जाएगी। मौजूदा समय में प्रदेश के भीतर संचालित हो रहे परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास चल रही है, जिसमें प्रदेश सरकार ने 18381 और स्मार्ट क्लास स्वीकृत किए हैं।

2 min read
Google source verification
school.jpg

school students file photo

केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी यूपी सरकार प्रदेश के हर जिले में नाबार्ड के सपोर्ट से एक-एक कंपोजिट स्कूल का निर्माण करवाएगी। इतना ही नहीं, मॉड्यूल कंपोजिट स्कूल के साथ-साथ प्रदेश में अभ्युदय कंपोजिट स्कूल की शुरुआत भी की जाएगी। मौजूदा समय में प्रदेश के भीतर संचालित हो रहे परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास चल रही है, जिसमें प्रदेश सरकार ने 18381 और स्मार्ट क्लास स्वीकृत किए हैं। आने वाले चार से पांच सालों में हर स्कूल में स्मार्ट क्लास शुरू होगी। ये बातें योगी सरकार के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री संदीप सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से आने वाले चार सालों में तीन बड़े कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं। जिसमें पहले कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक मॉड्यूल कंपोजिट स्‍कूल बनाएंगे जिसमें एक से 12 तक के स्‍कूल एक जगह पर होंगे। इसके साथ ही अभ्‍युदय कंपोजिट स्‍कूल और नाबार्ड के सहयोग से 5000 स्‍मार्ट क्‍लास को संचालित करेंगे। स्कूल चलो अभियान के तहत 1.90 करोड़ छात्रों का नामांकन किया जा चुका है। इसके साथ ही 40 लाख नए छात्र इस अभियान से जोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर जिले में एक-एक मॉड्यूल कंपोजिट स्कूल की शुरुआत के साथ ही डिजिटल लर्निंग के लिए हर विद्यालय में टैबलेट दिए जाएंगे।

अभियान के तहत जोड़े गए ईंट भट्टे पर काम करने वाले बच्चे

स्कूल चलो अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में सभी नामांकित बच्चों के आधारीकरण की शुरुआत हो चुकी है। इतना ही नहीं बल्कि स्कूल चलो अभियान के तहत ईंट भट्टे पर काम करने वाले बच्चों को भी जोड़ा गया है। 3 लाख 96 हजार से अधिक बच्चों को जोड़ा गया है। प्रदेश के दो लाख 55 हजार से अधिक दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया है।

कायाकल्प विद्यांजलि पोर्टल की

प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर हालत को देखते हुए प्रदेश सरकार जल्द ही कायाकल्प विद्यांजलि पोर्टल की शुरुआत करेगी। इसके लिए ऐसे लोग जिनका किसी विद्यालय से जुड़ाव रहा है, वह जहां से पढ़े हैं अगर वहां कुछ देना चाहते हैं, ऐसे व्यक्ति स्कूल गोद ले सकेंगे। इतना ही नहीं बल्कि वह व्यक्ति जिला स्तर या किसी विशेष स्तर पर स्कूल की फंडिंग भी कर सकता है।