
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फोटो सोर्स @myogiadityanath X account
यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे और अंतिम दिन सदन में माहौल गरम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए कानून-व्यवस्था, रोजगार, बिजली, टैक्स और विकास के मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। बहस के बाद विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में न तो दंगे हैं। और न ही कर्फ्यू जैसी स्थिति है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि दंगे कैसे होते हैं। उनका इलाज क्या है। यह जानना हो तो बरेली के मौलाना से पूछ लीजिए। प्रदेश में अब हालात सामान्य हैं। लोग सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री ने भागवत गीता का श्लोक पढ़ते हुए कहा कि सरकार का काम सज्जनों की रक्षा और दुर्जनों पर सख्ती करना है। उन्होंने साफ कहा कि वह सदन में भजन करने नहीं आए हैं। इसके लिए मठ मौजूद है। सीएम ने पूजा पाल का जिक्र करते हुए कहा कि बेटी चाहे किसी भी दल की हो, उसे हर हाल में न्याय मिलेगा। माफिया के सामने अब सरकार नहीं झुकेगी।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि बीते 9 साल में सरकार ने बिना घूसखोरी के 9 लाख युवाओं को नौकरी दी है। पहले थानों में आम आदमी डरा रहता था। अपराधियों को संरक्षण मिलता था। लेकिन अब प्रदेश में भय का माहौल खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जैसे माफिया की कमर तोड़ी गई। वैसे ही नकल माफिया पर भी लगाम लगी है।
विकास कार्यों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि देश का पहला वाटर-वे यूपी में शुरू हुआ है। जिसे अयोध्या तक ले जाने की योजना है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जहां पहले ज्यादा लागत बताई जा रही थी। वहां सरकार ने कम खर्च में बेहतर काम किया।
इससे पहले सपा विधायक रागिनी सोनकर ने बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार को घेरा। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि बिजली उत्पादन ढाई गुना बढ़ा है। वहीं, AQI को लेकर भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंततः पूरे सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
Updated on:
24 Dec 2025 07:44 pm
Published on:
24 Dec 2025 07:44 pm
