
खल्लारी मंदिर हादसे में 8 श्रद्धालु घायल (photo source- Patrika)
Khallari Temple Accident: महासमुंद जिले के खल्लारी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह एक गंभीर हादसा सामने आया, जब मंदिर परिसर में चल रहे रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। उस समय ट्रॉली में कई श्रद्धालु सवार थे, जिससे घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। केबल टूटने के साथ ही ट्रॉली तेजी से नीचे की ओर झटके के साथ खिसकी, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हो गए।
इस हादसे में कुल 8 श्रद्धालु जख्मी हुए हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों, मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने तुरंत स्थिति संभाली और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर रोप-वे संचालन को तत्काल बंद कर दिया गया है।
प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खामी को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने रोप-वे के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर निरीक्षण और मेंटेनेंस होता, तो शायद इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Khallari Temple Accident: खल्लारी मंदिर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए रोप-वे सुविधा चलाई जाती है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी सहूलियत मिलती है। विशेषकर नवरात्र जैसे पर्वों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो जाती है। हालांकि, रोप-वे जैसी सुविधाएं जहां एक ओर यात्रा को आसान बनाती हैं, वहीं इनके संचालन में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
देशभर में समय-समय पर ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां नियमित जांच, उपकरणों की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमी के चलते दुर्घटनाएं हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोप-वे संचालन के लिए तय मानकों का कड़ाई से पालन, नियमित तकनीकी परीक्षण और आपातकालीन व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है। खासकर भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Published on:
22 Mar 2026 12:31 pm
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