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CG Suspended News: बिना काम के उठाई राशि, PWD में घोटाला उजागर, 2 अधिकारी निलंबित

CG Suspended News: महासमुंद जिले में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एसडीओ शिखा पटेल और प्रभारी एसडीओ अरविंद किशोर देवांगन को बिना कार्य कराए 14.28 लाख रुपये की राशि आहरण करने पर निलंबित कर दिया गया है।

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नगर निगम लिपिक निलंबित (Photo source- Patrika)

नगर निगम लिपिक निलंबित (Photo source- Patrika)

CG Suspended News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) शिखा पटेल और प्रभारी एसडीओ अरविंद किशोर देवांगन पर बिना कार्य करवाए 14 लाख 28 हजार रुपए की राशि आहरण करने के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है।

लोक निर्माण विभाग के उपसचिव एनपी मरावी ने 30 जुलाई 2025 को दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। निलंबन के साथ ही दोनों को लोक निर्माण विभाग नया रायपुर अटल नगर कार्यालय में संलग्न किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

CG Suspended News: PWD के दो अधिकारी सस्पेंड

मामला महासमुंद संभाग के सरायपाली उप संभाग से जुड़ा है। कई शासकीय भवनों में मरम्मत, रंगाई-पुताई और अन्य कार्य करवाए बिना राशि आहरण का गंभीर आरोप लगा था। इन भवनों में शासकीय हाई स्कूल भवन सरायपाली, मंदिर स्कूल, ब्लॉक कानूनी एच टाइप क्वार्टर, एसडीओ एग्रीकल्चर क्वार्टर भवन, तहसील कार्यालय सरायपाली, शासकीय कन्या हाई स्कूल सरायपाली में पोस्ट वाटर प्रुफिंग कार्य और पांच एच टाइप क्वार्टर शामिल हैं।

इन सभी स्थानों पर निर्धारित कार्य नहीं करवाए गए। फिर भी राशि निकाली गई। शिकायत मिलने के बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच दल का गठन किया। मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग क्षेत्र रायपुर की जांच टीम ने सभी आरोपों की पुष्टि की। जांच में पाया गया कि उक्त छह कार्य वास्तव में नहीं हुए थे, लेकिन कागजों में इन्हें पूरा दिखाकर राशि का आहरण किया गया।

बिना काम करवाए राशि आहरण

तत्कालीन एसडीओ शिखा पटेल ने 1.51 लाख रुपए और प्रभारी एसडीओ अरविंद किशोर देवांगन ने 12.77 लाख रुपए का माप दर्ज किया। जिसका कुल योग 14 लाख 28 हजार रुपए रहा। यह राशि शासकीय कोष से गबन करने का प्रथम दृष्टया मामला पाया गया। इसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

यह मामला सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और मांग की है कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। इस घटना ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।