अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जापानी सेना के कैप्टन तानेयोशी योशिमी थे। वे अकेले जिंदा गवाह हैं। डॉ. योशिमी ने प्रथम कई गवाहियां हांगकांग के स्टानली गाओल में 19 अक्टूबर, 1946 को दीं जहां उन्हें ब्रिटिश अधिकारियों ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जेल में डाल दिया था। इसे ताईवान के युद्ध अपराध संपर्क खंड के कैप्टन अल्फ्रेड टर्नर ने रिकॉर्ड किया है। उन्होंने कहा, 'जब उन्हें बिस्तर पर लिटाया गया तब मैंने ही तेल से उनके (बोस के) शरीर का जख्म साफ किया और उनकी ड्रेसिंग की। उनका पूरा शरीर बहुत जल चुका था, सबसे गंभीर रूप से उनका सिर, छाती और जांघ जले थे। ज्यादातर बातें वह अंग्रेजी में बोल रहे थे। इसके बाद एक दुभाषिए को बुलाया गया।