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जेल के कैदियों के लिए खुशखबरी, सरकार देगी उन्हें ये सुविधा

यह सुविधा पहले सेंट्रल जेलों के कैदियों को मिलती थी, अब जिला जेल के कैदियों को भी मिलने वाली है

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महासमुंद. जिला जेल के कैदियों को जल्द ही हाईटेक पीसीओ बूथ की सुविधा मिलेगी। इस बूथ से कैदी अपने वकील व परिजनों से सिर्फ 5 मिनट तक बात कर सकेंगे।

कैदियों को इसके लिए एक स्लेब कार्ड भी दिया जाएगा। बूथ में बात करने से जितना पैसा लगेगा, वह उनके मानदेय से काट लिया जाएगा। यह सुविधा पहले सेंट्रल जेलों के कैदियों को मिलती थी, अब जिला जेल के कैदियों को भी मिलने वाली है। पहले चरण में प्रदेश के 12 जिला जेलों में बूथ लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। उसमें महासमुंद जिला जेल का नाम भी शामिल है। इस पीसीओ के माध्यम से कैदियों को अपनों से बात करने का मौका मिलेगा। ताकि उनका मन थोड़ा हल्का लग सके।

पीसीओ बूथ से बंदी अपने परिजनों के अलावा वकील से भी केस के संबंध में बात कर सकेंगे। बंदियों का रिकार्ड और बंदी जिनसे बात करना चाहते है , ऐसे लोगों की जानकारी और मोबाइल नंबर हाईटेक कार्ड में डाला जाएगा। इसके अलावा बंदियों के फिंगर प्रिंट को भी कार्ड से जोड़ा जाएगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सेंट्रल जेलों में काम शुरू हो चुका है।

इसके बाद अब प्रदेश के अन्य जिला जेलों में बंदियों को यह सुविधा दी जाएगी। इसके जरिए कैदी सप्ताह में एक दिन अपने परिजनों से बात कर सकेंगे। वहीं सुरक्षा के लिहाज से पीसीओ से कैदियों की बातचीत रिकार्डिंग भी अफसर चाहें तो सुन सकेंगे। वहीं इसके पहले जिला जेल में वीडियो कांफ्रेसिंग की सुविधा शुरू हुई थी, लेकिन अब तक इसका क्रियान्वयन नहीं किया गया है।

अंगूठे के निशान से खुलेगा कॉल लॉग
जेलों में सजा काट रहे बंदियों का पीसीओ कार्ड विभाग बनवाएगा। बंदी कार्ड स्वैप करते ही पहले से फीड किए गए नंबर स्क्रीन पर आ जाएंगे। अंगूठा लगाते ही उनका कॉल लगेगा। जैसे ही 5 मिनट खत्म होगा, आटोमेटिक कॉल डिस्कनेक्ट हो जाएगा। जेल में यह सुविधा मिलने से परिजनों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है।

परिजनों को मुलाकात की सुविधा
अभी जिला जेल में कैदियों को सिर्फ उनके परिजनों से मिलने की अनुमति दी जाती है। फोन पर बातचीत करने के लिए किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है। मिलने आने वाले के आधार नंबर से परिजनों की पहचान की जाती है और उन्हें अधिकतम 10 मिनट मुलाकात का वक्त दिया जाता है। मुलाकात भी जेल प्रहरी की निगरानी में होती है।

महासमुंद के जेलर एमआर भोसले ने कहा अभी तक शासन से निर्देश नहीं मिले हैं, पर जिला जेलों में जल्द ही कैदियों को हाईटेक पीसीओ बूथ की सुविधा मिलेगी। प्रयास जारी है।