
लोगों की सेहत से नगर निगम कर रही खिलवाड़, अंदाजे से हो रही फिल्टर प्लांट की सफाई
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की आधी आबादी की सेहत के साथ नगर पालिका खिलवाड़ कर रही है। पिछले 15 दिनों से शहर के लोग मटमैला पानी पीने को विवश हैं। पत्रिका टीम जब इसकी पड़ताल करने बेलसोंडा के फिल्टर प्लांट पहुंची, तो पता चला कि यहां पानी की सफाई करने का कोई पैमाना नहीं है। सब काम अंदाज से हो रहा है।
ताज्जुब इस बात का है कि फिल्टर प्लांट में दिखावे के लिए प्रयोगशाला भी है। यहां पानी जांचने के लिए एक उपकरण भी नहीं है। पीएचई के भरोसे काम चल रहा है। पानी का सैंपल लेने के बाद पीएचई से जांच रिपोर्ट 48 घंटे के बाद मिलती है। तब तक गंदा पानी की सप्लाई घरों में हो जाती है। जानकारी के मुताबिक पानी में बैक्टिरिया और पीएच मान की जांच की जाती है। हद तो तब हो गई जब फिल्टर प्लांट के कर्मचारियों ने कहा कि पानी साफ करने के लिए अंदाज से क्लोरिन, एलम और ब्लीचिंग पाउडर डालते हैं।
कई पार्षदों ने पालिका पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वार्ड-एक के पार्षद देवीचंद राठी ने पालिका प्रशासन पर आरोप लगाया कि, हड़ताल के समय संविदाकर्मियों के काम पर नहीं आने के कारण पालिका के अनटे्रंड कर्मचारी फिल्टर प्लांट का काम देख रहे थे। ठीक से ध्यान नहीं देने के कारण मिट्टी इंटेकवेल में आकर जम गई। इस कारण पानी साफ नहीं हो पाया। सालभर से घटिया ब्लीचिंग पाउडर और एलम का उपयोग किया जा रहा है। इसके आड़ में लाखों का खेल चल रहा है।
पार्षद मनोज लूनिया का कहना है कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण शहरवासियों को गंदा और मटमैला पानी पीने को मजबूर होना पड़ा। लोगों को नल का पानी छोड़ पीने के पानी के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं। ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से नगर पालिका की लापरवाही के कारण घरों में गंदे और मटमैला पानी की सप्लाई हो रही है। लोगों में इसको लेकर आक्रोश है।
शहर के वार्डों में गंदे व मटमैला पानी की सप्लाई पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को विधायक डॉ. चोपड़ा ने कहा कि इंटेकवेल फिल्टर प्लांट, पानी टंकी और सप्लाई लाइन में जहां भी खराबी हो, उसमें तत्काल आवश्यक सुधार किया जाए। फिल्टर प्लांट के फ्लोरिनेशन सिस्टम को ठीक किया जाए। इस दौरान प्रमुख रूप से पार्षद देवीचंद राठी उपस्थित रहे।
नगर पालिका के अध्यक्ष पवन पटेल ने बताया कि पार्षद दुर्भावनावश खराब क्वालिटी के सामान खरीदी का आरोप लगा रहे हैं। एलम की खरीदी जेम के माध्यम से हो रही है, क्वालिटी में कोई खराबी नहीं है। लोग बिना वजह की बात कर रहे हैं। फिल्टर प्लांट की लगातार निगरानी की जा रही है।
Published on:
23 Aug 2018 06:27 pm
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