
दो वर्ष में केवल 68 फीसदी ही बन पाए आयुष्मान कार्ड
जिले में १०,८९,१०३ आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसमें से अभी तक ७३९४१६ लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं, जो कि ६८ फीसदी है। अभी भी ३४९६८७ लोगों का पंजीयन होना बाकी है। इससे जरूरतमंद लोग इस योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं।
हालांकि, आयुष्मान कार्ड बनाने में राज्य में महासमुंद जिला पांचवें स्थान पर है। जिले में मार्च २०२१ से च्वॉइस सेंटरों में पंजीयन शुरू हुआ है। बीच में कोरोना की दूसरी लहर के कारण कार्य बाधित हो गया। उसके बाद से पंजीयन प्रक्रिया धीमी ही चल रही है। गौरतलब है कि लोगों को स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना चल रही है। इसके लिए लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। व्यापक स्तर पर यह प्रक्रिया २०२१ में शुरू हुई थी। इसके तहत च्वॉइस सेंटरों में पंजीयन शुरू किया गया। इसके अलावा हेल्थ सेंटरों, जिला अस्पताल में भी पंजीयन किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड प्रभारी ओमप्रकाश धुरंदर ने बताया कि कार्ड बनाने का काम लगातार जारी है। पिछले दिनों सर्वर में समस्या के कारण कार्य प्रभावित हुआ था। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने में राज्य में महासमुंद जिला पांचवें स्थान पर है। जल्द ही इस प्रक्रिया में कुछ नई चीजे आने वाली हैं। उंगलियां मैच नहीं होने पर चेहरे को स्कैन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, इसमें अभी समय लगेगा।
५ लाख तक इलाज की सुविधा
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई योजनाएं चलाई जा रही हंै। इन योजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री जन-आरोग्य आयुष्मान भारत योजना है। जिला आयुष्मान कार्ड प्रभारी ओमप्रकाश धुरंदर ने बताया कि इसके तहत बीपीएल कार्डधारियों को ५ लाख रुपए तक और एपीएल कार्डधारियों को ५० हजार रुपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड व राशन कार्ड जरूरी है। आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। च्वॉइस सेंटरों में पंजीयन हो रहा है। साथ ही जिला अस्पताल में भी पंजीयन किया जा रहा है।
Published on:
25 Jan 2023 12:34 pm
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