
रेलवे स्टेशन (Photo Patrika)
CG News: महासमुंद अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महासमुंद रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। दो साल बाद भी रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण पूरा नहीं हुआ है। पहले जून 2025 तक पूर्ण करने की तिथि निर्धारित की गई थी, उसके बाद अक्टूबर तक पूर्ण करने की बात कही गई थी, लेकिन अभी भी काफी कार्य शेष रह गया है।
अमृत भार स्टेशन योजना के तहत नए स्टेशन की सौगात अब 2026 में ही यात्रियों को मिल पाएगी। कार्य की गति को देखते हुए लग नहीं रहा है कि स्टेशन का कार्य 2025 में पूर्ण हो पाएगा। वर्तमान में भवन से संबंधित कार्य ही पूरा नहीं हो पाया है। 6 अगस्त 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के आधुनिकीकरण के लिए वर्चुअल उद्घाटन किया था। योजना के तहत महासमुंद के रेवले स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जाना है। वर्तमान में फुटब्रिज बनाया जा रहा है।
निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के दौरान यात्रियों को काफी दिक्कत होती है। निर्माण कार्य के चलते प्लेटफार्म एक पर शेड तक जाने में दिक्कत होती है। लोगों को बुकिंग काउंटर में ही बैठकर इंतजार करना पड़ता है, निर्माण कार्य के चलते बुकिंग काउंटर में भीड़ लग जाती है। रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कार्य में तेजी लाने े लिए निर्देश दिया गया है।
आधुनिकीकरण के बाद रेलवे स्टेशन आने-जाने का अलग रास्ता होगा, एंट्री प्वाइंट पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इसके अलावा एक्जिट गेट पर भी कोई कार्य नहीं हुआ है। रेलवे स्टेशन के सामने नाली का निर्माण कार्य जारी है। बड़ी नाली का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी निकासी हो सके। रेलवे स्टेशन में मुत वाईफाई, फूड कोर्ट, आधुनिक वेटिंग हॉल, स्थानीय प्रसिद्ध स्थलों की झलक, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी हब बनाने की योजना है। स्थालीय कला और विरासत को बढ़ाने के लिए भी प्रयास किया जाना है।
स्टेशन का आधुनिकीकरण 16 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। यात्रियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। नवंबर २०२५ में भी कार्य की गति में तेजी नहीं आई है। लोगों को 2026 में ही नए रेलवे स्टेशन की सौगात मिल पाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल कार्यक्रम में रोड ओवरब्रिज निर्माण का भूमिपूजन फरवरी 2024 में किया था, रोड ओवरब्रिज बनेगा या नहीं इसको लेकर संशय बरकरार है। शहर के जनप्रतिनिधि और वार्डवासी रोड ओवरब्रिज को लेकर विरोध कर चुके है और रेलवे के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। 6 करोड़ की लागत से रोड ओवरब्रिज प्रस्तावित है। डेढ़ साल बाद भी संशय की स्थिति बनी हुई है।
Updated on:
17 Nov 2025, 1:56 PM IST
Published on:
17 Nov 2025, 1:56 PM IST
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