
बिरकोनी. धर्मग्राम बिरकोनी में बाजार चौक पर भव्य त्रि-दिवसीय मानस यज्ञ समारोह का आयोजन हुआ। तीन दिनों तक यहां राम भक्ति की अखंड धारा प्रवाहित रही। मानस समारोह में दूर-दूर से मानस मंडलियां पहुंचीं और रामकथा की सुमधुर संगीतमय प्रस्तुति दी।
मानस कार्यक्रम में ग्राम के लोगों के अलावा आस-पास के गांवों के लोग भी पहुंचे और भजनों की सुमधुर धारा के साथ राम कथा का श्रवण किया। रविवार को इस मानस यज्ञ का समापन हुआ। अंतिम दिन मानस मंडलियों द्वारा राम के चरित्र का गान-बखान करते हुए धर्म प्रेमी श्रोता समाज को राम चरित का अर्थ बताया गया और श्री राम की जीवनगाथा से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक और धन्य करने का आह्वान किया गया।
तीसरे दिन मानस विवेचन के दौरान ऐसे कई प्रसंग आए, जिससे श्रद्धालुओं की आंखें भर आईं। मानस मंच का यही संदेश रहा कि राम का जीवन समूचे मानव समाज के लिए आदर्श है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का चरित्र हमें अच्छाई को ग्रहण करने, बुराई को त्यागने, काम , क्रोध, मोह का दमन करने का मार्ग दिखता है। राम नाम का अमृत पाकर भक्त सबरी का कल्याण हुआ। माता-पिता की आज्ञा में राज पाठ त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उपेक्षितों को लगे लगाया और असुरों का संहार किया।
मानस यज्ञ के समापन पर रविवार को शाम 4 बजे श्री राम मंदिर के आचार्य पंडित लक्ष्मी नारायण वैष्णव द्वारा पूजा-आरती हवन किया गया। इसमें ग्राम के सैकड़ों श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने भाग लिया। इसके बाद भगवान राम के जयकारे और बाजे-गाजे के साथ श्रीराम चरित मानस की शोभायात्रा निकाली गई। द्वार-द्वार पर और घर-आंगन में चौक-चंदन आरती के साथ महिलाओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
श्री राम जानकी मंदिर पहुंचकर शोभायात्रा का समापन हुआ। शोभायात्रा में संयोजक लक्ष्मी नारायण वैष्णव, उमेश चन्द्राकर, ओमकार पटेल, मंगलू निषाद, भोलाराम चन्द्राकर, सुधेराम सेन, टकेश्वर सेन, प्रकाश चंद्राकर, प्रमोद साहू, राधे पटेल, तोषण पटेल, भूपेन्द्र चंद्राकर, भूषण निषाद, शंकरू ध्रुव, बाबूलाल निषाद, हरिमोहन दास वैष्णव, दीपक वैष्णव, भूपेंद्र वैष्णव, दयानंद धुवंशी, नोहर धुवंशी, यान साहू,गोवर्धन साहू, यशवंत चंद्राकर, नीरज सेन, ठेलू राम, गुलाब कन्नौजे, रोशन निषाद आदि शामिल थे।
Published on:
16 Apr 2018 12:31 pm

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