
शौचालय की प्रोत्साहन राशि मांगने जनपद पहुंची महिलाओं ने CEO पर लगाया अभद्र व्यवहार करने का आरोप
बिछियां. ग्राम उमरिया की मां गंगा महिला स्व सहायता समूह की 50 महिलाएं शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि की मांग करने बसना जनपद पहुंची। जहां सीईओ ने महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया। यह आरोप समूह की महिलाओं ने लगाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि जनपद सीईओ आर के वर्मा ने उनके साथ अभद्रतापूर्वक पेश आते हुए उन्हें थाना जाने की सलाह दी। इसके बाद महिलाएं भडक़ गईं और जनपद कार्यालय पर ही धरने पर बैठ गई। जनपद सीईओ द्वारा 3 दिन के भीतर जांच टीम भेजने का आश्वासन दिए जाने पर ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी से भी की है। मामला रूर्बन मिशन चयनित ग्राम उमरिया का है। कुछ ग्रामीणों को अभी तक शौचालय निर्माण की अनुदान राशि नहीं मिलने की शिकायत लेकर समूह की महिलाएं बसना जनपद कार्यालय पहुंची थी। वर्ष 2017 में उमरिया में महिला ग्राम संगठन समूह का गठन हुआ था। यहां नौ समूह में 104 सदस्य हैं। इन्हें गांव की समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाने का अधिकार दिया गया है। इसके चलते समूह की महिलाएं शौचालय निर्माण की राशि सरपंच द्वारा नहीं दिए जाने की शिकायत लेकर जनपद पहुंचीं थी।
समूह की महिलाओं ने बताया कि गांव के सोभनाथ, कोमल, गौतम, डोलामणी, कमललोचन, आत्माराम, लखेश्वर, रामप्रसाद, लक्ष्मी, नीलकुमार, टिकेश्वर सहित सैकड़ों हितग्राहियों को शौचालय की एक भी किस्त नहीं मिली है। महिलाओं ने यह भी बताया कि उनके साथ सरपंच द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
कई ग्रामीण जो स्वयं शौचालय बनाए हैं, उनका सर्वे सूची में नाम ही नहीं है, तो कुछ है। इसलिए राशि की मांग की जा रही है। उमरिया सरपंच रम्भा सीताराम करायत से पूछे जाने पर बताया कि गांव में 221 लोगों का शौचालय बना था। इनमें केवल 20-25 लोग स्वयं के व्यय पर शौचालय बनाए थे। जिनको भुगतान कर दिया गया है। बाकी सभी को सामान उपलब्ध कराया गया था। वहीं जो महिलाएं अनुदान राशि की मांग कर रही हैं, उनका नाम सर्वे सूची में नहीं है। वे पूर्व में बने शौचालय की राशि की मांग कर रहे हैं।
सीईओ बसना के जनपद आरके वर्मा ने कहा कि ग्राम उमरिया के ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। मंै इसकी जांच करा रहा हूं। पंचायत इंस्पेक्टर दो दिन के भीतर वहां जाएंगे और अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। किसी भी गलत काम करने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा। शिकायत जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
Published on:
29 Jul 2018 04:26 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
