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अपने को मरा साबित कर खुलेआम जुर्म कर रहा था ये खूंखार अपराधी, जब हुआ खुलासा, उड़ गए सबके होश

मरकर फिर जिंदा हो गया शातिर अपराधी, अपनी ही हत्या की रच डाली थी साजिश, दें रहा था अपराधों को अंजाम...

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Criminal create own murder conspiracy in Mahoba crime news

अपने को मरा साबित कर खुलेआम जुर्म कर रहा था ये खूंखार अपराधी, जब हुआ खुलासा, उड़ गए सबके होश

महोबा. महोबा जिले की पुलिस ने 25 हजार के इनामी एक मुर्दे को गिरफ्तार कर लोगों को हैरत में डाल दिया है। इस अपराधी की दो साल पहले हत्या हो चुकी थी और इसकी हत्या के जुर्म में तीन बेगुनाह लोग दो साल से जेल में बंद है। हमेशा सुर्खियों में रहने वाली यूपी पुलिस की फाइलों में बंद दस्तावेजों से सामने आई इस कहानी से हर कोई हैरत में है। इस शातिर अपराधी के ऊपर तीन दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हैं।

अपनी ही मौत का किया नाटक

यूपी पुलिस के कारनामों की फेहरिस्त में अजीबो गरीब मामले भी देखने को मिल जाते हैं। शातिर बदमाश अपनी मौत का नाटक रचकर खुलेआम अपराधों को अंजाम देता रहा और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस हिरासत में आया ये शातिर अपराधी दो साल पहले अपनी ही हत्या की झूठी कहानी गढ़कर दूसरे नाम से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस के लिये चुनौती बना हुआ था।

दूसरे को मारकर रची साजिश

महोबा जिले के खन्ना थाना कस्बा का रहने वाला 40 साल का विंडोला उर्फ बिंदादीन प्रजापति उर्फ बाबा उर्फ सूरज शर्मा ने दो साल पहले हमीरपुर जिले के मौदहा थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या कर शल जला दिया और फरार हो गया था। इस मामले में हमीरपुर जनपद के मौदहा थाने में हत्या का मुकदमा कायम किया गया था। जले हुए शव के पास से बरामद हुए जूते और कपड़ों से इस शव की शिनाख्त महोबा जिले के खन्ना गांव के रहने वाले शातिर अपराधी विंडोला उर्फ बिंदादीन के रूप में हुई थी। दरअसल विंडोला ने अपनी ही हत्या की साजिश रचकर एक अन्य युवक को मौत के घाट उतार दिया था ताकि उसकी हत्या के आरोप में विरोधी जेल चले जाएं। मृतक विंडोला के परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मौदहा थाने की पुलिस ने गांव के ही तीन लोगों को विंडोला की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो दो सालों से हमीरपुर जेल में बंद है।

नाम बदलकर करता था अपराध

शातिर अपराधी विंडोला पुलिस रिकार्ड में मर चुका था, इसी का फायदा उठाकर वह अपना नाम बदलकर ताबड़तोड़ अपराध करने लगा। यहां उसके ख़िलाफ हत्या, लूट, डकैती, अपहरण सहित 29 मुकदमे कई थानों में दर्ज हैं। उसके ऊपर महोबा पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। चूंकि विंडोला ने अपना नया नाम सूरज शर्मा रख लिया था और लगातार अपराध कर रहा था जिसकी सूचना खन्ना थाने की पुलिस को मिल चुकी थी। तब पुलिस ने उसके लिये जाल बिछा दिया और दो साल पहले मर चुका अपराधी खन्ना थाने की पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

कटघरे में पुलिस

मर चुके इस शातिर अपराधी के पास से पुलिस ने एक चोरी की मोटर साइकिल, एक तमंचा, कारतूस, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, गाजियाबाद से बना फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। भले ही शातिर बदमाश पुलिस की गिरफ्त में है और एसपी एन. कोलांचि इसे बड़ी कामयाबी मानते हैॆं मगर यूपी पुलिस की कार्रवाई को भी सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। विंडोला की मानें तो वह यूपी पुलिस के एनकाउंटर अभियान से खौफजदा था। जिसको लेकर उसने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक साजिश रच डाली और बनारस में फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए थे।

बेगुनाहों को कैसे मिलेगा इंसाफ

शातिर अपराधी विंडोला ने अपने हत्या की साजिश रचकर विरोधियों को जेल भिजवा कर खुद को फर्जी नाम से अपराध की दुनिया मे सक्रिय कर दिया था। पुलिस उसको मरा मान चुकी थी और बेखौफ विंडोला खुलेआम अपराध कर रहा था पर वो पुलिस के शिकंजे से बच नहीं सका और सलाखों के पीछे पहुंच गया है पर अब सवाल यह है कि पिछले दो सालों से जेल में बंद बेगुनाह तीन लोगों को कैसे इंसाफ मिलेगा, इस बात का जवाब पुलिस के पास नहीं है।

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