महोबा. रविवार को उत्तर प्रदेश में टीईटी 2018 की परीक्षा करवाई गई जिसके लिए यूपी पुलिस की एसटीएफ टीम सभी केंद्रों में तैनात रही। नकल विहीन परीक्षा के लिए कड़े प्रबंध किए गए और कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए। बावजूद इसके महोबा में जो हुआ उसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। यहां टीईटी की परीक्षा में परीक्षार्थियों के साथ दुर्व्यवहार करने और महिलाओं के मंगलसूत्र, कंगन, कान की बाली उतरवाने पर परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया और इसे गलत बताया। परीक्षाओं को नकलविहीन कराने के लिए परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, मगर इसके बावजूद भी व्यवस्थापक नक़ल रोकने का हवाला देकर महिला परीक्षार्थियों के मंगलसूत्र तक उतरवा दिए गए, जिसको लेकर परीक्षार्थियों मे खासा आक्रोश देखने को मिला। अब अधिकारी इस मामले में जाँच करने की बात कह रहे हैं।
महोबा में 16 परीक्षाकेंद्र हैं जिनमें 11041 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। प्राइमरी के 7,331 और जूनियर के 3,710 अभियर्थी इस परीक्षा में शामिल है। इस परीक्षा को संपन्न कराने के लिए 3 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 10 स्टेटिक सहित 20 पर्यवेक्षक लगाए गए। यहीं नहीं केंद्रों के बाहर भी वीडियोग्राफ़ी कराई जा रही है। मगर महोबा के माँ चन्द्रिका महिला पी० जी० महाविद्यालय में महिला परीक्षार्थियों के साथ दुर्व्यवहार करने का ममला सामने आया है।
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महिलाओं से की गई धक्का-मुक्की-
नकलविहीन परीक्षाओं के नाम पर विवाहित महिलाओं के गले से मंगलसूत्र, कंगन और कान की बाली तक उतरवाई गई। महाविद्यालय के गेट पर ही महिलाओं के साथ धक्का मुक्की तक की गई। चेकिंग के नाम पर महिलाओं के जबरन मंगलसूत्र उतरवाएं गए। महिलाओं ने इसका जमकर विरोध भी किया। कई बार केंद्र व्यवस्थापकों से इसको लेकर परीक्षार्थियों की तू-तू मैं-मैं भी देखने को मिली। महिला परीक्षार्थी इस बात को लेकर नाराज थी कि क्यों उनके मंगलसूत्र उतरवाएं जा रहे हैं। इन मंगलसुत्रों से कैसे महिला नक़ल कर सकती हैं। मगर केंद्र डूयटी में लगे कर्मियों ने महिलाओं की बातों को अनसुना कर दिया। जिसके बाद महिलाओं ने जमकर हंगामा किया और धक्का मुक्की भी की।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने दिया बयान-
सूचना मिलते ही प्रभारी एसडीएम और अपर पुलिस अधीक्षक वंशराज यादव भी मौके पर पहुँच गए और परीक्षार्थियों को शांत कराया। महिलाओं का आरोप है कि उक्त विद्यालय में ही नक़ल रोकने का हवाला देकर उनके मंगलसूत्र उतरवाएं गए हैं। वहीं इस पूरे मामले को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक सुरेश प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसा कोई शासनादेश नहीं है कि महिला परीक्षार्थियों के मंगलसूत्र, कंगन और बाली उतरवाएं जाए। उन्होंने बताया कि यांत्रिक डिवाइस, मोबाइल, केलकुलेटर, किताबें और अन्य प्रपत्र ले जाने की मनाही है। यदि यहाँ महिलाओं के मंगलसूत्र आदि उतरवाएं गए हैं तो ये गलत है। इसकी जाँच की जायेगी और कार्यवाही होगी।