
मौलाना का डर्टी वीडियो
महराजगंज. कुछ दिन पहले वायरल हुए एक गंदे वीडियो के आधार पर पुरंदरपुर थाने की पुलिस ने क्षेत्र के एक मौलाना को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया। पर अब यह वीडियो ही पुलिस के गले की फांस बन गई है। डीजीपी ने इस बाबत महराजगंज की पुलिस से जवाब मांगा है। पूछा है कि वीडियो गलत है तो मौलाना अजीज को किस जुर्म में जेल भेजा गया। पता चला है कि महराजगंज की पुलिस ने बुधवार देर शाम डीजीपी कार्यालय को जवाब भेज दिया है। इस मामले में आगे क्या होता है यह देखना होगा क्योंकि पुरंदरपुर पुलिस कहती है कि उसने एक बच्ची के पिता की शिकायत पर आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई की है, लेकिन मामले में पुरंदरपुर के एसओ का वादी बनकर अजीज के खिलाफ केस क्यों दर्ज किया गया? इस सवाल के जवाब में पुलिस बगले झांक रही है।
बता दें कि कुछ दिन पहले एक मासूम बच्ची से किसी मौलाना का निहायत गंदी हरकत करवाते एक वीडिओ वायरल हुआ। सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी कसबे के हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने वीडियो को कस्बे के एक स्कूल चलाने वाले मौलाना से जुड़ा बताकर संबंधित थाना ढेबरूआ की पुलिस से शिकायत की। यहां की पुलिस भी वीडियो की सच्चाई जाने बगैर उक्त मौलाना के घर दबिश देना शुरू कर दिया। पर मौलाना के बेटों और कस्बे के बुद्धिजीवियों के भारी विरोध के चलते पुलिस को बैकफुट होना पड़ा। लोगों ने पुलिस से वीडियो की सच्चाई की जांच की मांग की। यहीं की पुलिस की जांच में पता चला कि यह वीडिायो राजस्थान के हिंडौली का है। बहरहाल वीडियो के सच का पता चलने के बाद बढ़नी कसबे के हिंदूवादी नेता भी ठंडे पड़ गए और पुलिस भी।
सिद्धार्थनगर में इस वीडियो की चर्चा थमी भी नहीं थी कि इसकी आंच पड़ोसी जिला महराजगंज तक पहुंच गई। मजे की बात है कि यहां भी एक हिंदू नेता के ही दबाव में पुरंदरपुर थाने की पुलिस को इलाके के अब्दुल अजीज नामक उम्रदराज मौलाना के खिलाफ कार्रवाई कर दी। इस मामले में सीधे एसपी आरपी सिंह इन्वाल्ब हुए और थाने पहुंचकर कथित आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। आरोपी थाने में स्वयं को बेगुनाह बताता रहा पर उसकी एक नहीं सुनी गई और 14 अप्रैल को एसओ को खुद वादी बनकर अजीज के खिलाफ जघन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। तभी से अजीज जेल में हैं।
सबसे बड़ी बात यह कि महराजगंज और सिद्धार्थनगर दोनों जगह की पुलिस ने वीडियो की सच्चाई पता किये बगैर ही कार्रवाई कर दी और एक आदमी को जेल भी भेज दिया। इसमें कोई बड़ी बात नहीं कि वीडियो में दिख रहे मौलाना और सिद्धार्थनगर, महराजगंज मेंजिन लोगों पर आरोप लगाया गया उनकी कद काठी और हुलिया मिलता हो। पर सवाल यह है कि एक ही वीडियो यूपी के सिद्धार्थनगर, महराजगंज, खुर्जा व राजस्थान के हिंडोली चारो जगह का कैसे हो सकता है। वीडियो की जांच की जानी चाहिये न कि जहां से शिकायत मिले वहां से हमशक्ल दिखने वाले को गिरफ्तार कर लिया जाय।
बहरहाल फर्जी वीडिओ के आधार पर मौलाना अजीज की गिरफ्तारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। डीजीपी के जवाब तलब पर जिले की पुलिस ने अपना जवाब भेज दिया है। वहीं पूरे मामले की जांच कर रहे फरेंदा सर्किल के सीओ वीडियो के बारे में अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। उनकी जांच जारी है।
by Yashoda Srivastava
Published on:
26 Apr 2018 03:51 pm
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