
एक साथ पढ़ाई, फिर प्रेम विवाह, मौत भी एक साथ और एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
महू/ मध्य प्रदेश के महू में लिफ्ट हादसे में हुई उद्योगपति घराने के 6 लोगों की मौत ने देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसे भी इस घटना के बारे में पता चला, उसे इस परिवार की असमय मृत्यु पर अफसोस हो रहा है। वैसे भी इस घटना ने लोगों को गमगीन किया है। लेकिन, इस हादसे में जान गंवाने वाले पलकेश और पलक के प्रेम को अमर कर दिया है।
इत्तेफाक ने लिखी प्रेम की दास्तां
पलक अग्रवाल उद्योगपति पुनीत अग्रवाल की बेटी थीं, जिन्होंने कॉलेज के दिनों में अपने सबसे अच्छे दोस्त को ही अपना जीवन साथी बनाने का फैसला किया। हालांकि, इन्होंने एक साथ लंदन जाकर भी आगे की पढ़ाई पूरी की। दो साल पहले ही परिवार की सहमति से दोनो विवाह किया और अग्नि को साक्षी मानकर अपने प्रेम को अमर बनाने की कसम ली। तीन महीने पहले ही इनके हस्ते खेलते परिवार में एक नन्ही परी ने जन्म लिया। इसने दोनो के जीवन की खुशियों को चार चांद लगा दिये। इत्तेफाक ये भी है कि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पलक और पलकेश की मृत्यु का समय भी एक ही था। साथ ही, एक साथ दोनो के पार्थिव शरीर को घर से उठाया गया और एक ही चिता पर दोनो को मुखाग्नि दी गई। इस घटना को जिसने भी देखा नम आंखों के साथ उसके मूह पर यही शब्द थे कि, पलक और पलकेश का प्रेम अमर हो गया।
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हर एक की आंखें नम थीं
रिवार के अनय मृतकों के साथ बुधवार को पलक और पलकेश अग्रवाल को भी मुखाग्नि दी गई। उनकी अंतिम यात्रा उनके डीबी सिटी निपानिया स्थित बंगले से डीबी सिटी के गेट तक निकाली गई। इसके बाद अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति के शव वाहन से मुक्तिधाम तक ले जाया गया। रिंग रोड पर जगह-जगह लग रहे जाम के चलते बायपास से मुक्तिधाम ले जाने का निर्णय लिया गया। दोनों को भतीजे प्रियांश ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सामाजिक-व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। समाज के अरविंद बागड़ी, विष्णु बिंदल, टीकमचंद मित्तल, संजय अग्रवाल, कुलभूषण मित्तल, गोविंद सिंघल ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुक्तिधाम में खड़े नाते-रिश्तेदार और करीबी लोगों के साथ मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।
ये हुआ था उस रात
बता दें कि, 1 दिसंबर की रात बिजनेसमेन अग्रवाल परिवार के सदस्य महू स्थित अपने फार्म हाउस पर न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए गए थे। इस दौरान किसी कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग पर सामान ले जाने वाली लिफ्ट के समान लिफट पर बैठकर सभी सदस्य पातालपानी व्यू के लिए लिफ्ट में बैठकर ऊपर गए। पुलिसिया जांच में सामने आया कि, लिफ्ट में भार ज्यादा होने के कारण करीब 80 फिट ऊपर जाकर लिफ्ट पलट गई, जिससे लिफ्ट में बैठ से सभी लोग नीचे सीमेंट बेस पर गिर गए। हादसे में पुनीत अग्रवाल, उनते तीन वर्षीय पोते नव, बेटी पलक, दामाद पलकेश, पलकेश के बहनोई गौरव और पलकेश के भांजे आर्यवीर की मौत हो गई, जबकि गौरव की पत्नी निधि अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हुईं, जिनका इलाज चोइथराम अस्पताल में चल रहा है।
Published on:
02 Jan 2020 03:23 pm

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