6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रेटर नोएडा हादसा: गृह प्रवेश के चौथे दिन उजड़ गया हंसता खेलता परिवार, पिता बोले अब जीकर क्या करूंगा

ग्रेटर नोएडा हादसे में मैनपुरी के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत।

2 min read
Google source verification
Greator Noida

Greator Noida

मैनपुरी। ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतों के ढहने के बाद अब तक नौ शवों को निकाल लिया गया है। उनमें से चार शव मैनपुरी के एक ही परिवार के हैं। परिवार के चार लोगों की मौत की सूचना के बाद इलाके में कोहराम मचा हुआ है। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है।

14 जुलाई को किया था गृहप्रवेश
मैनपुरी के अभई गांव के रहने वाले 25 वर्षीय शिव कुमार त्रिवेदी नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थे। उन्होंने 14 जुलाई को ही नोएडा में लिए फ्लैट का गृहप्रवेश किया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मैनपुरी से काफी लोग आए थे। बाकी लोग तो 15 जुलाई को लौट गए लेकिन शिव कुमार ने मां राजकुमारी, भाभी प्रियंका और मासूम भतीजी पंखुड़ी को कुछ दिन रहने के लिए रोक लिया। मंगलवार की रात सभी लोग एक कमरे में बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक इमारत ढह गई और इसमें सभी लोग दब गए।

दोस्तों ने की परिवार को खबर
जब ये खबर चैनलों पर प्रसारित हुई तो शिव के दोस्तों ने खैरियत जानने के लिए शिव कुमार को फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं उठा तो उन्हें चिंता हुई और वे ग्रेटर नोएडा आ गए। इसके बाद दोस्तों ने ही मैनपुरी में शिव के परिवार वालों को हादसे की सूचना दी। हादसे से कुछ ही देर पहले प्रियंका की अपने पति राम से बात हुई थी। अचानक हादसे की सूचना ने सबको हिलाकर रख दिया।

पिता बोले अब जीकर क्या करेंगे
बुधवार दोपहर तक परिवार ग्रेटर नोएडा पहुंचा। सबसे पहले प्रियंका का शव बाहर निकाला गया। शव को देखकर ही चीख पुकार मच गई। इसके बाद एक एक कर चारों के शव बाहर आए। अपने सामने पत्नी, बेटे, बहू और पोती को मृत अवस्था में देख शिव के पिता सुरेंद्र त्रिवेदी को बहुत बड़ा धक्का लगा। वे रोते रोते एक ही बात दोहरा रहे थे, कि अब जीकर क्या करेंगे। किसी तरह बड़े बेटे राम ने उन्हें संभाला।

मंगलवार की रात को हुआ था हादसा
आपको बता दें कि मंगलवार की रात को ग्रेटर नोएडा में दो निर्माणाधीन बिल्डिंग अचानक ढह गईं थीं। इस हादसे में काफी लोग मलबे के नीचे दब गए। रेस्क्यू आॅपरेशन के जरिए अब तक नौ लोगों को निकाला जा चुका है। 35 से अधिक लोगों के अभी भी दबे होने की आशंका बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने 24 लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। बिल्डिंग के भूस्वामी गंगाशंकर द्विवेदी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वहीं मुख्य आरोपी कॉलोनाइजर अभी फरार है।