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Pregnant Women Murder Case : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में दहेज की क्रूर लालच ने एक युवा दंपति की खुशियां छीन लीं। शादी के महज छह महीने बाद ही ससुराल वालों ने गर्भवती विवाहिता रजनी कुमारी (21) को पीट-पीटकर मार डाला। चार महीने की गर्भवती रजनी के साथ हुई इस दरिंदगी में बिना जन्म लिए ही उसकी संतान की भी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को खेत में ही खरपतवार से जला दिया। यह घटना जिले के औंछा इलाके के गोपालपुर गांव में हुई, जहां दहेज की मांग पूरी न होने पर परिवार ने विवाहिता को निशाना बनाया। पुलिस ने मायके वालों की शिकायत पर छह आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
रजनी कुमारी की शादी इसी साल 21 अप्रैल को रंगपुर गांव के सचिन से हुई थी। ससुराल पक्ष को शादी में दिए गए दहेज से असंतुष्ट होने के कारण उन्होंने रजनी पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि ससुराल वाले टेंट हाउस का कारोबार शुरू करने के बहाने मायके से 5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रजनी की मां सुनीता देवी ने बताया, 'मेरी बेटी चार महीने की गर्भवती थी। ससुराल वाले रोज-रोज पैसे के लिए प्रताड़ित करते थे। जब मांग पूरी न हुई, तो उन्होंने शुक्रवार (3 अक्टूबर) को रजनी पर जानलेवा हमला कर दिया।'
सुनीता देवी के अनुसार, रजनी के पति सचिन, ससुर भाई प्रांशु, रिश्तेदार रामनाथ, दिव्या और टीना ने मिलकर यह साजिश रची। उन्होंने रजनी को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद, सबूत छिपाने के लिए आरोपियों ने गोपालपुर के अपने खेत में ही शव को खरपतवार और अन्य सामग्री से जला दिया। सुनीता ने दर्द भरी आवाज में कहा, 'मेरी बेटी की लाश तक हमें सही हालत में न मिली। वह मां बनने वाली थी, लेकिन इन दरिंदों ने सब छीन लिया।'
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल मिठास ने रविवार को इस मामले पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के रंगपुर गांव की रहने वाली रजनी की हत्या दहेज उत्पीड़न से जुड़ी है। सुनीता देवी की तहरीर पर पति सचिन, प्रांशु, रामनाथ, दिव्या, टीना समेत छह आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304बी (दहेज हत्या), 498ए (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और डाउनरी प्रॉहिबिशन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
SP मिठास ने कहा, 'घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, और आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रजनी की गर्भावस्था की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से हो गई है, जो मामले को और गंभीर बनाती है।
यह घटना उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या के बढ़ते मामलों को एक बार फिर उजागर करती है। राज्य महिला आयोग के अनुसार, 2024 में ही यूपी में 1,000 से अधिक दहेज संबंधी मामले दर्ज हुए, जिनमें से कई गर्भवती महिलाओं से जुड़े थे। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक लालच और सामाजिक दबाव ऐसी वारदातों का मुख्य कारण हैं। रजनी का परिवार अब न्याय की उम्मीद में पुलिस पर भरोसा कर रहा है, लेकिन सुनीता देवी का सवाल बाकी है: 'कब तक बेटियां दहेज के शिकार होती रहेंगी?'
Updated on:
05 Oct 2025 04:56 pm
Published on:
05 Oct 2025 04:56 pm
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