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घेराव कर पुतला फूंका, फिर शुरू हुआ सुधार कार्य

आंधी-तूफान के 48 घंटे बाद विद्युत विभाग आया हरकत में

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Blow up the effigy, then start the repair work

अंजनिया.मंडला. सोमवार की दोपहर को चले आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश से पूरे अंजनिया क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं पटरी से उतर गईं। बिजली के तार टूटने, खंभे उखडऩे, पेड़ धराशाई होने से पूरा क्षेत्र सोमवार की शाम से अंधेरे में डूब गया। मौसम सुधरने के बावजूद मंगलवार का पूरा दिन बीत गया लेकिन न ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और न ही विद्युत विभाग। यही कारण है कि सोमवार की तरह मंंगलवार का पूरा दिन भी क्षेत्रवासियों को बिना बिजली और बिना पानी के बिताना पड़ा। जब मंगलवार की रात तक विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे तो स्थानीय निवासी अपना सब्र खो बैठे और विद्युत कार्यालय का घेराव कर दिया।
बुधवार की सुबह भी क्षेत्रवासियों को बिना पानी और बिजली के शुरुआत करनी पड़ी तो पूरे क्षेत्र के लोग एकजुट हो गए। विद्युत विभाग की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। आक्रोशित लोगों ने विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अंकित सिजेरिया का पुतला दहन किया। जब मामला बेहद तूल पकडऩे लगा तो जिला मुख्यालय से अधिकारी कर्मचारी अंजनिया पहुंचे और सुधार कार्य शुरु किया। जगह जगह बिजली के तारों पर गिरे हुए पेड़ की भारी भरकम शाखाओं को जनरेटर की सहायता लेकर काटा गया। इसके बाद बिजली के उखड़े हुए खंभों को व्यवस्थित करने की शुरुआत की गई। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए तहसीलदार कमलचंद सिंह शार को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि उनकी लापरवाह कार्यशैली और मनमाने व्यवहार के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस दौरान नायब तहसीलदार कुणाल भी मौके पर उपस्थित रहे।
50 घंटे से नहीं मिला पानी
विद्युत विभाग के लापरवाह कनिष्ठ अभियंता अंकित सिजेरिया के कारण तूफान और बारिश से हलाकान हुए लोगों को भीषण गर्मी में बिना पानी के 50 घंटे से अधिक का समय बिताना पड़ा। ज्येष्ठ मास की झुलसाती गर्मी में अंजनियावासी पानी की एक एक बूंद के लिए तरस गए। स्थानीय कुओं और हैंड पंप से जैसे तैसे एक एक बाल्टी पानी लेकर दर्जनों परिवारों को दो दिन बिताने पड़े। चूंकि पूरे क्षेत्र में बिजली पानी की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी इसलिए सभी क्षेत्रवासी अथवा दूरस्थ क्षेत्र के कुएं, हैंडपंप आदि पर आश्रित हो गए। बिजली न होने के कारण लोगों को भयग्रस्त होकर दो रातें बितानी पड़ी क्षेत्रवासियों ने इसी कारण जेई सिजेरिया को क्षेत्र से हटाने की बात कही है।
जनरेटर से भरी टंकी
पानी की किल्लत को दूर करने के लिए अंजनिया पंचायत ने जनरेटर की व्यवस्था की और पानी की टंकी भरवाई। इसके बाद क्षेत्र में पानी की सप्लाई शुरु की गई। बुधवार को जबविद्युत विभाग के अधिकारी और उनकी टीम अंजनिया पहुंची तो पंचायत ने उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था भी की।