मंडला/नारायणगंज. नेशनल हाइवे 30 गुरुवार की सुबह 8 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक जाम रहा। इस दौरान भारी वाहनों के साथ यात्री वाहन की कतार हाइवे में दिखाई दी। बताया गया कि यह जाम मैली ग्राम के लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली से आक्रोशित होकर लगाया था। जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय नारायणगंज निवासी मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक ने मंगलवार को बीजाडांडी के बीच ग्राम कालपी के जंगल में फांसी लगा ली। बीजाडांडी पुलिस ने आसपास जानकारी ली लेकिन कहीं मृतक की पहचान नहीं हो सकी। जिसके चलते बुधवार को पीएम के बाद शव को दफना दिया गया। जैसे ही सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मृतक के परिजनों तक पहुंची तो कुछ लोग बुधवार की शाम को ही बीजाडांडी थाने पहुंचे। जहां मृतक के कपड़े और सामग्री से पहचान की।
विधिवत अंतिम संस्कार के लिए परिजनों ने पुलिस से शव की मांग की। लेकिन पुलिसकर्मियों ने सहयोग नहीं किया। जिसके परिजन वापस लौट आए। गुरुवार की सुबह पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए परिजनों ने नेशनल हाइवे पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। महिला, पुरुष सभी नेशनल के बीच में वाहनों को रोककर बैठक गए।
विधायक ने दी 20 हजार की मदद
ग्रामीणों के प्रदर्शन को शांत कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने काफी प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मानने को राजी नहीं थे। सूचना के बाद निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। दूरभाष के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से भी बात की। परिजनों को 20 हजार रुपए की आर्थिक मदद भी विधायक ने दी। दोपहर एक बजे पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा और अपर कलेक्टर राजेन्द्र सिंह पहुंचे। जहां परिजनाें को शव दिलाने के साथ जांच कर संबंधित पुलिस कर्मियाें पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
मैली चौराहा में लगाया जाम
टिकारिया थाना के अंतर्गत नेशनल हाइवे के मैली चौराहा में जाम लगा दिया। ग्रामीणों को समझाने के लिए टिकरिया पुलिस पहुंची लेकिन वे शव दिलाने के साथ बीजाडांडी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। परिजनाें का कहना था कि पुलिस ने जल्दबाजी की है। जबकि शव को कम से कम 24 घंटे रखकर आसपास थाने में सूचना दी जाती है। अन्य माध्यमों से शिनाख्त का प्रयास किया जाता है। लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी करते हुए पीएम कराकर शव को दफना दिया। हंगामा बढ़ते देख बीजाडांडी, निवास व मंडला से पुलिस बल को बुलाया गया