
प्लास्टिक और थर्माकोले प्रतिबंध होने से नही फैलेगी अब गंदगी
मंडला. बाजार में एक जुलाई से प्लास्टिक और थर्माकोल के बने ग्लास, थाली, कटोरी, प्लेट आदि सामान की बिक्री नहीं हो रही है। केंद्र सरकार के प्रतिबंधात्मक नियम लागू हो जाने से अब स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि यह उत्पाद प्लास्टिक के उत्पाद से महंगे होंगे। जानकारी के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम 2021 के तहत प्लास्टिक एवं थर्माकोल से बने सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुएं भी तय की गई है। इनका उत्पादन और विक्रय प्रतिबंधित हो जाएगा। हालांकि वर्ष 2019 में भी पहली बार सिंगल यूज पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद शहर में प्रतिदिन पॉलीथिन की खपत होती रही। पूर्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम ने प्रयास भी किए और उत्पादकों व दुकानदारों पर कार्रवाई भी की। फिर भी समाज में विकल्प के अभाव में इसकी मांग को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सका। अब प्लास्टिक सामग्री पर प्रतिबंध की कोशिश की जा रही है। कहा जा रहा है कि हर व्यक्ति को अपने सामाजिक व्यवहार और आदतें बदलनी होंगी। तभी पूरी तरह ये आइटम प्रतिबंधित होंगे और पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी।
विकल्प बतौर आएं ये आइटम, तो मिले राहत
नागरिकों का कहना है कि बाजार में वेजिटेबल प्लेट्स, शुगर केन प्लेट्स, कंपोस्टेबल या ऑक्सी बायोडिग्रेडेबल प्रोडक्ट्स, कंपोस्टेबल कॉर्न स्टार पॉलिथीन, पेट मटेरियल मिरर ग्लास, पेपर और वुडन कटलरी जैसे आइटम विकल्प बनकर आ जाएं, तो समाज को राहत मिल सकती है। ये प्लास्टिक व थर्माकोल के आइटम शादी-ब्याह समेत अन्य सामाजिक कार्यक्रम में सबसे अधिक उपयोग में आते हैं।
दोना पत्तल का भी बढ़ेगा चलन
कुछ वर्ष पूर्व तक सामाजिक कार्यक्रमाें में स्थानीय स्तर पर निर्मित दोना पत्तल का उपयोग किया जाता रहा है। अब धीरे-धीरे प्लास्टिक ने इसका स्थान ले लिया और बाजार से दोना पत्तल गायब हो गए। प्लास्टिक के सामन पर्यावरण हितैषी इन सामग्रियों से सस्ते थे। लेकिन एक बार फिर दोना पत्तल का चलन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। जिससे कुटीर उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
Published on:
02 Jul 2022 03:52 pm
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