
उपहार से वंचित हैं हजारों बच्चे, उपहार योजना को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी उदासीन
मंडला। सरकारी विद्यालयों में संसाधन को बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय उपहार योजना शुरु की गई। इस योजना को ऑनलाइन किया गया। लेकिन इस योजना का प्रचार प्रसार नहीं किया गया। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को लेकर अभी तक जानकारी नहीं पहुंच पाई है। योजना के अंतर्गत जिन स्कूलों को लाभ मिलना था वह भी नहीं मिल रहा है। हैरत की बात तो ये है कि जिले के दूर दराज के क्षेत्रों में स्थित स्कूली प्रभारियों को उपहार योजना के बारे में पूरी जानकारी ही नहीं, न ही स्कूल के बच्चों को। इस योजना के बारे में जब अभिभावकों से बात की गई तो उन्होंने ने भी यही कहा कि स्कूल प्रबंधन ने कभी इस योजना का जिक्र नहीं किया।
ताकि पूरी हो जरुरतें
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार करीब चार साल पहले विद्यालय उपहार योजना शुरु की गई थी। इसमें आम जनता विद्यालयों में आवश्यकतानुसार दान या उपहार दे सकता है। उसकी बकायदा ऑनलाइन इंट्री भी करना है। जिन स्कूलों में क्या-क्या आवश्यकता है। उसको लेकर भी जिम्मेदारों को पोर्टल पर सूची जारी करना है लेकिन कई स्कूलों में यह कार्य नहीं किया गया। जिसके कारण योजना जिले में सफल नहीं हो पाई। यही कारण है कि ग्रामीण अंचलों में दर्जनों शासकीय स्कूल आज भी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी झेल रहे हैं।
फैक्ट फाइल
2254- जिले में प्राथमिक स्कूल
77,683 प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी
1314 जिले में माध्यमिक स्कूल
52, 980 माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थी
इनका कहना है
विद्यालय उपहार योजना को लेकर प्रचार प्रसार भी किया गया है। इसका लाभ भी मिला है। जानकारी ली जाएगी कि किन क्षेत्रों में प्रचार प्रसार नहीं हुआ है। वहां प्रचार प्रसार किया जाएगा।
अशोक झारिया, जिला शिक्षा अधिकारी, मंडला
Published on:
08 Jun 2019 01:56 pm
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