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किसान की बेटी बनी एमपी की पहली प्रोफेशनल फुटबॉलर

प्रदेश इस बेटी पर फर्क महसूस कर रहा है, महज 17 साल की बेटी पहली प्रोफेशनल फुटबॉलर बन गई है।

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किसान की बेटी बनी एमपी की पहली प्रोफेशनल फुटबॉलर

किसान की बेटी बनी एमपी की पहली प्रोफेशनल फुटबॉलर

मंडला. गांव की पगडंडियों और उबड़ खाबड़ रास्ते पर चलकर बढ़ी हुई किसान की एक बेटी ने ऐसा कमाल किया है, जिससे पूरा प्रदेश इस बेटी पर फर्क महसूस कर रहा है, महज 17 साल की इस बेटी ने फुटबॉल के मैदान में गोल दागकर न सिर्फ सामने वाली टीम के छक्के छुड़ा दिया, बल्कि खुद प्रदेश की पहली प्रोफेशनल फुटबॉलर बन गई है। आईये जानते कौन है ये एमपी की बेटी।

हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के मंडला जिले के आदिवासी बहुल्य जिले के मोहगांव के किसान की बेटी अतंरा धुर्वे की, उन्होंने महज 17 साल में मध्यप्रदेश की पहली प्रोफेशनल फुटबॉल खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है। अंतरा धुर्वे की यह सफलता दूसरी बालिकाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

मजदूरी के लिए पलायन करने वाले परिवार की बेटी है अंतरा
अंतरा मोहगांव के पिछड़े गांव पतादेही के आदिवासी परिवार से है। जहां लोग परिवार के साथ मजदूरी के लिए पलायन कर जाते हैं। अंतरा के पिता रणमत सिंह धुर्वे एक छोटे से किसान हैं खेती किसानी के अलावा मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। अंतरा अंतरा धुर्वे मॉडल स्कूल मुंगवानी मोहगांव और नर्मदा वैली फुटबॉल एकेडमी (मृदा एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी) की छात्रा रही है। पिछले चार साल से फुटबॉल का प्रशिक्षण ले रही है।

60 स्टूडेंट में एक है अतंरा
अंतरा जहां खेल में अव्वल रही तो वहीं पढ़ाई में भी पीछे नहीं थी। 12वीं अच्छे अंक से पास किया। नर्मदा वैली फुटबॉल एकेडमी मोहगांव में 110 छात्र-छात्राओं को फुटबॉल के लिए प्रशिक्षित कर रही हैं। इसमें 60 छात्राएं है। उन्हीं में से एक अंतरा ने फुटबॉल में अपना नाम रोशन कर रही है।

पहले बेटियां मजूदरी करने जाती थी
मंडला से पहले केरला लड़कियां सिर्फ मजदूरी के लिए जाती थी। अंतरा से इस धारणा को तोड़ दिया है। प्रोफेशनल फुटबॉलर के रूप में, नर्मदा वैली फुटबॉल एकेडमी की ये पहली छात्रा थी। जल्द वो देश के लिए ब्लू जर्सी भी पहनेंगी। अंतरा ने इस सफलता का श्रेय नर्मदा वैली फुटबॉल एकेडमी और मां रमिया बाई एवं पिता रणमत सिंह को दिया।

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केरला के फुटबॉल क्लब से 3 साल का कॉन्ट्रैक्ट
अंतरा महाराष्ट्र टीम के लिए टॉप 30 में रही। उसे मुंबई में प्रशिक्षण दिया गया। मृदा एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष प्रिया नादकरनी व सचिव दिग्विजय सिंह ने बताया, अंतरा सूबे की पहली प्रोफेशनल फुटबॉलर बनी। अंतरा ने गोकुलम फुटबॉल क्लब केरला से 3 साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। गोकुलम महिला फुटबॉल में देश का सबसे बड़ा क्लब है। यह 2021 में इंडियन वूमेन लीग का चैंपियन था।