मंडला. मवई जनपद पंचायत के अंतर्गत राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से स्वीकृत ग्राम पंचायत खलौड़ी में 15 लाख की लागत से बने स्टाप डेम, 15वें वित्त एवं पंच परमेश्वर की राशि का सरपंच सचिव ने दुरुपयोग किया है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से की है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की विधिवत जांच कराने की मांग की है। शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत खलौड़ी के ब्लॉक टोला में चुहरी नाला में 15 लाख की लागत से ग्रामवासियों की सुविधा एवं जरूरत के लिए जो स्टाप डेम का निर्माण किया है, जो कि गुणवत्ताहीन। नाले की गहरी खुदाई न करने एवं सही मटेरियल का उपयोग नहीं करने के कारण बरसात में वह गया है। फर्जी मस्टर रोल दूसरे पंचायत के लोगों की हाजिरी भर के सरपंच, सचिव एवं इंजीनियर की साठ-गांठ से राशि का आहरण किया गया है। वहीं 15वें वित्त एवं पंच परमेश्वर में सरपंच, सचिव ने बिना ग्रामसभा के अनुमोदन के राशि का दुरुपयोग किया गया है। रोजगार गारंटी योजना के तहत गौशाला से सरपंच के द्वारा सरपंच पति के नाम से स्वीकृत किया गया जो कि ग्राम के लोगों को न पहुंचा कर स्वयं का फायदे के लिए कार्य किया गया है। समस्त निर्माण कार्यों की जांच कराकर उचित कार्यवाही करने की मांग की गई है।
मवई जनपद पंचायत के अंतर्गत राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से स्वीकृत ग्राम पंचायत खलौड़ी में 15 लाख की लागत से बने स्टाप डेम, 15वें वित्त एवं पंच परमेश्वर की राशि का सरपंच सचिव ने दुरुपयोग किया है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से की है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की विधिवत जांच कराने की मांग की है। शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत खलौड़ी के ब्लॉक टोला में चुहरी नाला में 15 लाख की लागत से ग्रामवासियों की सुविधा एवं जरूरत के लिए जो स्टाप डेम का निर्माण किया है, जो कि गुणवत्ताहीन। नाले की गहरी खुदाई न करने एवं सही मटेरियल का उपयोग नहीं करने के कारण बरसात में वह गया है। फर्जी मस्टर रोल दूसरे पंचायत के लोगों की हाजिरी भर के सरपंच, सचिव एवं इंजीनियर की साठ-गांठ से राशि का आहरण किया गया है। वहीं 15वें वित्त एवं पंच परमेश्वर में सरपंच, सचिव ने बिना ग्रामसभा के अनुमोदन के राशि का दुरुपयोग किया गया है। रोजगार गारंटी योजना के तहत गौशाला से सरपंच के द्वारा सरपंच पति के नाम से स्वीकृत किया गया जो कि ग्राम के लोगों को न पहुंचा कर स्वयं का फायदे के लिए कार्य किया गया है। समस्त निर्माण कार्यों की जांच कराकर उचित कार्यवाही करने की मांग की गई है।