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गर्मी में कटौती के विरोध में फूटा बिजली कंपनी पर आक्रोश

अधीक्षण यंत्री दफ्तर का घेराव कर जताया आक्रोश, कांग्रेस नेता बोले ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर जनता को लूट रही बिजली कंपनी -समूचे जिले में कटौती के खिलाफ सडक़ों पर कांग्रेस, कई जगह हुए प्रदर्शन

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अधीक्षण यंत्री दफ्तर का घेराव कर जताया आक्रोश, कांग्रेस नेता बोले ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर जनता को लूट रही बिजली कंपनी

मंदसौर.जिले में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सोमवार को बिजली कंपनी पर आक्रोश फूटा। इस दौरान बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री कार्यालय के घेराव से लेकर ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंका गया। कटौती के अलावा फर्जी बिजली बिलों, किसानों के उत्पीडऩ, ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों और बिजली विभाग की मनमानी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। समूचे जिले में कटौती के विरोध में कांग्रेस ने मुद्दा बनाकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। हालांकि लोड शेंटिग के नाम पर की जा रही कटौती का दौर अब भी जारी है। प्रदर्शन कर रहे नेताओं को कंपनी के अधिकारियों ने तीन दिन में सुधार का भरोसा दिया।


किसान नेता श्यामलाल जोकचंद व जिला पंचायत सदस्य दीपकसिंह गुर्जर के नेतृत्व में बीपीएल चौराहा पर एकत्रित हुए लोग बाइक रैली के रूप में बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे। यहां अधीक्षक यंत्री कार्यालय का घेराव करप्रदर्शन किया। एक घंटे तक नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान बिजली कंपनी होश में आओ, किसानों का शोषण बंद करो और अघोषित कटौती बंद करो जैसे नारे लगाए गए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह बिजली कंपनी किसानों व आम लोगों को लूट रही है। विजिलेंस टीमों के माध्यम से किसानों पर झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं। भारी भरकम बिल थमाए जा रहे हैं तथा पुलिस के माध्यम से किसानों को अपराधियों की तरह आधी रात को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

बिजली लाइन और ट्रांसफॉर्मरों के रख-रखाव में लापरवाही बरती जा रही है। टूटे हुए तार, झुके हुए बिजली पोल और खुले ट्रांसफॉर्मर हादसों को न्योता दे रहे हैं। हर वर्ष करंट लगने से कई लोगों एवं मवेशियों की मौत हो रही है, लेकिन विभाग जिम्मेदारी लेने के बजाए पीडि़त परिवारों को मुआवजे के लिए कार्यालयों के चक्कर कटवा रहा है।


जिला पंचायत सदस्य दीपकसिंह गुर्जर ने कहा कि नए कनेक्शन, ट्रांसफार्मर बदलने और लाइन सुधार के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली की जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं। लोड शेटिंग और मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखना आम उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। बिजली विभाग की कार्यशैली के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा छोटे उद्योग और व्यवसाय भी संकट में आ गए हैं। अवैध कॉलोनियों के नाम पर उपभोक्ताओं से 12 हजार से अधिक राशि जबरन वसूली जा रही है। वहीं कई क्षेत्रों में क्षमता से कम ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों से बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य करवाए जा रहे हैं। ज्ञापन में किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने, कऔती बंद करने और बिजली आपूर्ति में सुधार करने की मांग की। इस दौरान कमलेश पटेल, भगतराम डाबी, सुरेश भाटी एवं सम्यक जैन सहित अन्य ने संबोधित किया। बंशीलाल पाटीदार, काचरिया चंद्रावत सरपंच ईशु धनगर, जनपद पंचायत सदस्य रामेश्वर राठौर, राजेश भारती, जुझारसिंह, दिनेश कारपेंटर सहित बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण मौजूद थे।