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नवतपा में बरस रही आग, हर जतन भी हो रहा फेल

43 डिग्री तक पहुंचा तापमान, हीटवेव की जद में जिला, अस्पताल में हीट स्टोक मरीजों की संख्या बढ़ी -गर्मी से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

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गर्मी से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मंदसौर.नवतपा की गर्मी अब लोगों के लिए असहनीय होती जा रही है। भीषण गर्मी के दौर में तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है। सुबह धूप निकलने के साथ गर्मी का यह दौर शुरू हो रहा है। सूर्यास्त होने के बाद भी रात तक गर्म हवाएं चलने का दौर जारी है। रात में भी तापमान 30 डिग्री के आसपास जिले में बना हुआ है। धूप की तेजी मानों आग बरसा रही है। ऐसे में अत्यधिक भीड़ वाले रास्तों पर भी सन्नाटा नजर आ रहा है। बाजार में लोग जरूरी होने पर ही खुद को धूप से बचाते हुए निकल रहे है। अस्पताल में भी हीटस्टोक के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लू के असर से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है तो पशुपालन विभाग ने तेज गर्मी के दौर में पशुओं के लिए की जाने वाले सावधानियां भी जारी की है।


गर्मी से हर किसी का हाल बेहाल
भीषण गर्मी के इस दौर में धूप की तेजी लगातार बढ़ती जा रही है। इसके कारण हर किसी का हाल बेहाल है। इस बार अत्यधिक गर्मी ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है। इससे आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। पंखे व कूलर भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे है। मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन ओर गर्मी का यही दौर जारी रहेगा। 2 जून तक नवतपा का दौर चलेगा। इसमें अंतिम दिनों में मौसम में बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढऩे के साथ चल रही गर्म हवाओं के कारण लू की चपेट में हर कोई आ रहा है।


गर्मी से होने वाले दूष्प्रभाव से बचाव व रोकथाम के लिए जारी एडवाइजरी
वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन से तापमान में हो रही वृद्धि के कारण हमारे स्वास्थ्य पर मौसम का दुष्प्रभाव हो रहा है। इसी को लेकर सीएमएचओ डॉ जीएस चौहान ने बताया कि अधिक तापमान के कारण होने वाले स्वास्थ्य पर दूष्प्रभावों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए समयानुसार उपाय करना होंगे ताकि मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानि से बचा जा सकें।
हीट स्ट्रोक में गर्मी के कारण शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस 104 डिग्री फारेनहाइट के पास पहुंच जाता है और मन में उलझन की स्थिति रहती है। लू लगने पर अगर तुरंत उपचार जरूरी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और छोटे बच्चों को कपड़े से ढककर छाया वाले स्थान पर रखने के अलावा गर्मियों में पसीना अधिक आने के कारण शरीर की त्वचा पर भी असर होता है। पसीना शरीर पर आता रहता है और जमता रहता है जिसके कारण त्वचा पर कई बार खुजली होने लगती है और गर्मी से एलर्जी हो जाती है और लाल हो जाती है। कई बार ज्यादा खुजली के कारण शरीर बहुत लाल हो जाती है।


ऐसे में ठंडे पानी और कूलर की सहायता से शरीर का तापमान नियंत्रित करने ढीले सूती कपड़े पहने, प्रभाव को कम करने के लिए विशेष प्रकार के सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करने, त्वचा को साफ और शुष्क बना कर रखने, गर्मी में घर से बहार निकलते वक्त छाते का प्रयोग करने, घर से बाहर पानी या ठंडा शरबत पीकर ही बाहर निकलने के साथ आम पन्ना और शिकंजी का सेवन करने की सलाह दी।