
मंदसौर/ ऐसे तो पूरे मध्यप्रदेश में भयानक बारिश की वजह से हालात बिगड़े हुए हैं। मंदसौर में स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब हो गई है। भारी बारिश की वजह से शहर के कई हिस्से डूब गए हैं। सड़कों पर सिर्फ और सिर्फ सैलाब ही हैं। शिवना नदी भी उफान पर है। इस वजह से पशुपतिनाथ मंदिर डूब गया है। जिले के अन्य हिस्सों में कई गांव भी खाली करवाए गए हैं।
दरअसल, पिछले कई दिनों से जिले में भारी बारिश जारी है। औसत बारिश के मामले में 35 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। तेज बारिश के कारण गांधीसागर बांध के 16 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं रेतम बैराज के 15 और गाडगिल सागर बांध के 8 गेट खोले गए हैं। इस वजह से कई इलाकों में हालात और बिगड़ गए हैं। कई कॉलोनियों में पानी घुस गया है। इसके साथ ही कई जगहों से संपर्क टूट गया है।
मल्हारगढ़ में पानी घुसा
सबसे खराब स्थिति मंदसौर के मल्हारगढ़ की है जहां पानी घुस गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि लोगों घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सड़क पर सिर्फ सैलाब ही सैलाब नजर आ रहा है। लोग घर की छतों या फिर दूसरी मंजिल पर टिके हैं। वहीं, शनिवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने पानी में उतरकर ही प्रार्थना किया। शनिवार के दिन भयानक बारिश की वजह से स्कूल-कॉलेज भी बंद रहे।
कई गांवों में घुसा पानी
बारिश की वजह से शहर ही नहीं गांव भी बर्बाद है। कई गांव में पानी घुस गया है। साही कई पुराने और जर्जर मकान गिर भी गए हैं। जिन गांवों में ज्यादा पानी घुसा है, वहां से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन ने कई जगहों पर राहत शिविर बनवाए हैं। जहां तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं।
उफान पर शिवना
वहीं, जिला मुख्यालय पर सालों बाद इस साल पांचवी बार भगवान पशुपतिनाथ का अभिषेक किया है। तेज बारिश के कारण शिवना नदी पर उफान पर आई। जिसके कारण सीतामऊ की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित छोटी पुलिया जलमग्न हो गई। इसके साथ ही खेड़ा खूंटी, रतन पिपलियाख ऑडी और आदि गांव में आवागमन बंद है।
Published on:
14 Sept 2019 08:30 pm
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