मंदसौर.
साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से ६ माह पहले सरकार पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। इसी के चलते लगातार योजनाएं लागू करने ओर हर वर्ग को साधने के जतन किए जा रहे है। कांग्रेस जहां सरकार की हर एक योजना के जवाब में अपनी सरकार आने पर नई योजना के साथ उस वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है तो सरकार भी अपनी योजनाओं से उन्हें लाभ देकर आत्मनिर्भर बनाने का दावा कर रही है। महिलाओं ओर किसानों के साथ अब युवाओं के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री सीखो-कमाओं योजना लागू की है। इसमें युवाओं को रोजगार देने के साथ हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार से जोडऩे का दावा किया है और इसके लिए पूरी पॉलिसी को प्रदेश कैबिनेट की मुहर लगने के बाद लागू किया है। इधर कांग्रेस भी युवाओं को लेकर अपने दावे कर रही है।
महिला, किसान के साथ युवाओं पर फोकस
सरकार की इस योजना के साथ माना जा रहा है कि युवा मतदाता पर फोकस करते हुए सरकार ने बड़ा चुनावी दाव चला है। इसके पहले महिलाओं के लिए लाड़ली बहना तो किसानों के लिए सीएम ब्याज माफी योजना को लागू किया जा चुका है और अब युवाओं को साधने की कवायद इस योजना से करने की कोशिश की जा रही है। इधर कांग्रेस भी सरकार की हर योजना के पीछे अपना एक नया वचन लाकर कर रही है। वहीं जिले में लगातार चुनावी तैयारियों की जाजम भी बिछ रही है। मुख्यमंत्री का जिले की दो विधानसभा में दौरा हुआ तो अब ६ जून को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पिपलियामंडी दौरे की तैयारियों को लेकर कांग्रेस जिलेभर में बैठक व सम्मेलन कर तैयारियां कर रही है।
युवाओं को काम सीखने के लिए पैसा देगी सरकार
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना युवाओं को नए अवसर देने के साथ काम सीखने का मौका देगी और काम सीखने के लिए पैसा सरकार देगी। कांग्रेस के बेरोजगारी भत्ते के जवाब मेंं सीएम ने पिछले दिनों कहा कि सरकार युवाओं को हुनरबंद बनाएगी ओर उन्हें स्वाभिमानी बनाया जाएगा। 18 से लेकर 29 वर्ष तक के युवाओं को इसमें पात्र माना गया है। योजना में ट्रेनिंग के दौरान 5 वीं से 12 उत्तीर्ण युवाओं को 8000ए,आईटीआई पास को साढ़े ८ हजार व डिप्लोमा धारी को 9000 और स्नातक अथवा उच्च शिक्षित युवाओं को 10 हजार रुपए तक प्रतिमाह देने का वादा इस योजना में किया है। प्रशिक्षण प्राप्त होने के एक माह बाद राशि का भुगतान किया जाएगा।