
तीन तहसीलदारों पर जुर्माना तो दो को जारी की गई चेतावनी
मंदसौर.
आम लोगों से जुड़ी लोक सेवाओं में लेटलतीफी पर राजस्व विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी। सीमांकन, नामांतरण व बंटवारा से जुड़े मामलों में लेटलतीफी पर तहसीलदारों पर जुर्माना लगाया गया। जिले के तीन तहसीलदारों पर अर्थदंड के रूप में जुर्माना लगा तो दो को चेतावनी जारी की गई। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में आवेदनों से जुड़े मामलों में लेटलतीफी पर कार्रवाई के बाद राजस्व अमले में भी खलबली मच गई। अन्य तहसीलों में लंबित आवेदनों के निराकरण को लेकर दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। हर एक तहसील में लोक सेवा के लंबित आवेदनों की समीक्षा जिला मुख्यालय से की जा रही है। इसी के चलते यह कार्रवाई हुई।
अभी होता सीमाकंन फिर एक साल का इंतजार
साल में गर्मी के दिनों में ही जमीनों के सीमाकंन का कार्य हेाता है। इसके बाद नहीं होता है। क्योंकि फिर फसल की बुआई हो जाती है। ऐेसे में तहसीलदारों के द्वारा काम नहीं करने से विवाद खड़े होगें। क्योंकि सबसे अधिक मामले संपत्ति संबंधी अपराधों के दर्ज होते है। आए दिन खेतों के रास्ते के विवाद में मारपीट होती है। यह मारपीट में जानलेवा हमले भी हो जाते है। ऐसे में समय पर काम करना अनिवार्य है।
इन तहसीलदारों पर लगा जुर्माना
लोक सेवा प्रबंधक वैभव बैरागी ने बताया कि जिले में लोकसेवा गारंटी अधिनियम 2010 के तहत सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण के आवेदनों का शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं करने पर सीतामऊ तहसीलदार मोहित सीनम, भानपुरा नायब तहसीलदार विनोद कुमार शर्मा, शामगढ़ नायब तहसीलदार भीमसिंह खराड़ी के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। इसके साथ ही 5-5 हजार की राशि का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही नायब तहसीलदार सीतामऊ पंकज गंगवाल व नायब तहसीलदार मल्हारगढ़ पंकज जाट को चेतावनी दी गई है। सभी को लोक सेवा में आए आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए है।
Published on:
08 Jun 2026 07:02 pm
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