
soyabean crop cutting survey farmers dhol protest bjp leaders (फोटो- सोशल मीडिया)
Farmers Dhol Protest: मंदसौर जिले में फसल नुकसानी को लेकर चल रहे प्रशासनिक सर्वे के दौरान जब अमले के अधिकारियों ने बिल्लौद गांव में क्रॉप कटिंग सर्वे (Crop Cutting Survey) कर सोयाबीन निकाली तो केवल 200 ग्राम सोयाबीन निकली। किसानों की माने तो इस अनुसार केवल एक बीघा में महज 20 किलो सोयाबीन निकलेगी।
वही शामगढ़ क्षेत्र के गांव कुरावन में किसानों ने अलग ही तरीके का प्रदर्शन किया। यहां पर किसानों ने भाजपा के बूथ अध्यक्षों के सामने ढोल बजा कर उनको जगाने का प्रयास किया। ताकि उनकी फसलों के शत प्रतिशत नुकसानी का मुआवजा मिले। इधर प्रशासन को चार दिन में रिपोर्ट भेजना है। जिसको लेकर भी प्रशासन तैयारियां कर रहा है। (MP News)
बिल्लौद प्रतिनिधि के अनुसार मल्हारगढ़ विकासखंड के बिल्लोद में गुरुवार को दोपहर में राजस्व विभाग का अमला पहुंचा। इस दौरान खेतों में कॉप कटिंग सर्वे किया गया। पूरा अमला ख्यालिराम पाटीदार के खेत पर पहुंचे। जहां शासन के मापदंडों के अनुसार निशान लगाकर किसान से सोयाबीन फसल की कटाई करवाई गई और फसल को कूट कर निकाल कर वजन किया गया।
इसमें मात्र 200 ग्राम सोयाबीन निकली। इसमें मिट्टी भी शामिल हुई। पूरी प्रक्रिया की राजस्व अमले ने फोटो व वीडियोग्राफी की। इस कॉप कटिंग के आधार पर किसान अनुमान लगा रहे है कि 1 बीघा 25 आरी में 20 किलो सोयाबीन का उत्पादन होगा जो की किसान की लागत से भी बहुत अधिक कम है। यानी की नुकसान बहुत अधिक हुआ है। (MP News)
ग्रामीणों ने बताया कि जब हम बीज को उगाने के लिए बोवनी करते है। तब भी 25 से 30 किलो एक बीघा में डालते है लेकिन यह तो उससे भी कम उत्पादित हुई है जबकि फसल को बोवनी से लेकर कटाई तक एक बीघा में 10 से 15 हजार रुपए की लागत आ जाती और मेहनत तो अलग है। यहां तो बीज का पैसा नहीं मिल रहा। क्योंकि किसान की अनुमानित लागत 10-15 हजार है। वर्तमान बाजार भाव देखे तो उत्पादन 800 से 1200 रु अधिकतम है। इससे सोयाबीन फसल वर्तमान में किसान के लिए घाटे का सौदा हो रही है। (MP News)
शामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार तहसील की ग्राम पंचायत कुरावन में सुबह 10 बजे भारतीय जनता पार्टी के मंडल बसई के दोनों बूथ अध्यक्ष गोपाल पटेल एवं गोपाल सिंह सोलंकी के सामने किसानों ने सोयाबीन में हुआ नुकसान को लेकर नाराजगी जताई। यहां पर किसानो ने दोनों बूथ अध्यक्षों के सामने ढोल बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया और मुआवजे की मांग की।
दोनों बूथ अध्यक्षों के सामने प्रदर्शन करने का कारण यह है कि गांव में कोई भी चुनाव हो भाजपा के पक्ष में लोगों से वोट के लिए दोनों बूथ अध्यक्ष गुहार लगाते हैं। ऐसे में किसानों ने सोयाबीन में 100 प्रतिशत नुकसान का मुआवजा और बीमा देने की मांग की। किसानों ने बूथ अध्यक्षों को कहा कि आप सरकार में बैठे बड़े नेता के पास हमारी फ़सल में हुए नुकसान का जल्द मुआवजा दिलाने की मांग रखो। ताकि हम दीपावली अच्छे से मना सके। हमारे बच्चों को एहसास नहीं हो कि दीपावली मनाने के पैसे नहीं है। सरकार जल्द मुआवजा दे। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। (MP News)
Updated on:
26 Sep 2025, 3:59 PM IST
Published on:
26 Sep 2025, 3:59 PM IST
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