7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां लक्ष्मी का अनूठा मंदिर, माता को पोशाक अर्पित करने करना पड़ेगा 2058 तक इंतजार

मान्यता है कि माता को दीपावली पर पोशाक अर्पित करने से पूरी होती है हर मनोकामना...

2 min read
Google source verification
mandsaur.jpg

,,,,

दीपावली के पावन त्यौहार पर आज हम आपको एक ऐसे अनोखे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें माता लक्ष्मी को पोशाक अर्पित करने के लिए साल 2058 तक इंतजार करना पड़ेगा। मंदसौर जिले के सीतामऊ क्षेत्र में स्थित प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर में मां लक्ष्मी को पोशाक अर्पित करने का विशेष महत्व है और कहा जाता है कि दीपावली पर मां लक्ष्मी को पोशाक अर्पित करने से हर मनोकामना पूरी होती है यही वजह है कि पोशाक अर्पित करने की एडवांस बुकिंग है और अगर आज कोई बुकिंग करता है तो उनका नंबर साल 2058 में आएगा।

हम मनोकामना होती है पूरी
लोगों का कहना है कि दीपावली पर गोधूलि बेला में माता को पोशाक अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए मंदिर में माता को पोशाक अर्पित करने के लिए एडवांस बुकिंग की जाती है। ये परंपरा सालों से चली आ रही है। मंदिर की प्रसिद्धि बढ़ने से अब और भी ज्यादा लोग बुकिंग करते हैं जिसके कारण बुकिंग करने वालों का नंबर सालों बाद आता है। इस साल मुंबई के आभूषण कारोबारी हरिनारायण उपाध्याय की ओर से पोशाक अर्पित की जाएगी उनका नंबर 12 साल बाद आया है।

यह भी पढ़ें- Diwali Special : भगवान लक्ष्मीनारायण का ऐसा मंदिर जिसकी मूर्ति से बरसता था सोना

देखें वीडियो-

मान्यता: तपस्वी ने शक्ति से उतार लिया था मंदिर
मंदिर के पुजारी प्रमोद मोड़ ने बताया कि मंदिर को लेकर क्षेत्र में यह मान्यता है कि प्राचीन समय में किसी साधक द्वारा आकाश मार्ग से तीन मंदिर उड़ाकर ले जाए जा रहे थे। क्षेत्र में तपस्या कर रहे एक साधु ने अपनी शक्तियों का उपयोग कर उन्हें यहीं उतार लिया था। इन मंदिरों में इस मंदिर के अलावा राधा बावड़ी व नादिया बावड़ी में स्थित हनुमान मंदिर शामिल है। तीनों मंदिरों की विशेषता यह है कि इनके आकार, बनावट और शैली एक जैसी है।

देखें वीडियो-