Apple vs. Microsoft: Apple चाहता है कंपनियां चुने Mac को, ना कि Windows को, जानिए कारण

Apple दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है। ऐसे में ऐप्पल की कोशिश रहती है कि अपने यूज़र्स को ज़्यादा से ज़्यादा फीचर्स दे ताकि वो यूज़र्स तो बरकरार रहें, साथ ही ऐप्पल के प्रॉडक्ट्स से प्रभावित होकर और लोग भी इसके यूज़र बनें। पर Apple vs. Microsoft और Mac vs. Windows नई बात नहीं है। ऐसे में ऐप्पल चाहता हैं कि वर्किंग कंपनीज़ उसके मैक कंप्यूटर और लैपटॉप को चुनें, ना कि माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज़ कंप्यूटर और लैपटॉप को।

By: Tanay Mishra

Updated: 06 Aug 2021, 01:18 PM IST

नई दिल्ली। ऐप्पल (Apple) दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है। स्मार्टफोन्स, टेबलेट, कंप्यूटर, स्मार्टवाॅच और कई ऐसे गैजेट्स हैं जो ऐप्पल कंपनी बनती हैं। ऐप्पल के डिवाइसेज़ के दुनियाभर में यूज़र्स हैं। ऐसे में ऐप्पल की कोशिश रहती है कि अपने यूज़र्स को ज़्यादा से ज़्यादा फीचर्स दे ताकि वो यूज़र्स तो बरकरार रहें, साथ ही ऐप्पल के प्रॉडक्ट्स से प्रभावित होकर और लोग भी इसके यूज़र बनें।

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ऐप्पल की कंप्यूटर और लैपटॉप सीरीज़ Mac भी लोगों में अपने लुक्स और फीचर्स की वजह से लोकप्रिय हैं। पर कंप्यूटर और लैपटॉप के मामले में एक और बड़ी टेक कंपनी है और उस कंपनी का नाम माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) है। माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज़ (Windows) कंप्यूटर और लैपटॉप भी दुनियाभर में इस्तेमाल होते हैं और लोगों के बीच अपने फीचर्स और फ्लेक्सिबलिटी के कारण बहुत लोकप्रिय हैं। ऐसे में ऐप्पल चाहता हैं कि वर्किंग कंपनीज़ उसके मैक कंप्यूटर और लैपटॉप को चुनें, ना कि माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज़ कंप्यूटर और लैपटॉप को।

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Apple vs. Microsoft और Mac vs. Windows नई बात नहीं है। यह लंबे समय से चली आ रही एक डिबेट हैं। ऐसे में ऐप्पल ने हाल ही में एक स्पेशल पेज "11 reasons Mac means business" बनाते हुए वर्किंग कंपनीज़ को मैक चुनने के लिए कहा हैं। आइए नज़र डालते हैं ऐप्पल के उन 11 कारणों पर।

Apple vs. Microsoft

1. विन्डोज़ प्रोसेसर से तेज़ ऐप्पल का M1 चिप प्रोसेसर - ऐप्पल का कहना है कि इसके Mac डिवाइसेज़ में इस्तेमाल होने वाला M1 चिप प्रोसेसर विन्डोज़ के प्रोसेसर से तेज़ है।

2. Mac लैपटॉप्स विन्डोज़ लैपटॉप्स से ज़्यादा तेज़ - ऐप्पल का कहना है कि M1 चिप के कारण Mac लैपटॉप्स विन्डोज़ लैपटॉप्स से ज़्यादा तेज़ होते हैं।

Apple vs. Microsoft

3. बैट्री लाइफ मायने रखती है - ऐप्पल का कहना है कि Mac डिवाइसेज़ की बैट्री एक बार की चार्जिंग में अन्य लैपटॉप्स से ज़्यादा लंबे समय तक चलती है।

4. IT डिपार्टमेंट के लिए ऐप्पल डिवाइसेज़ ज़्यादा अच्छे - ऐप्पल का कहना है कि किसी भी कंपनी के IT डिपार्टमेंट के लिए ऐप्पल डिवाइसेज़ अन्य डिवाइसेज़ से ज़्यादा अच्छे होते हैं।

5. अगर आपके पास IT सपोर्ट नहीं है तब भी Mac बेहतर है - ऐप्पल का कहना है कि IT सपोर्ट के नहीं होने पर भी Mac डिवाइसेज़ अन्य लैपटॉप्स से बेहतर हैं।

6. कंपनियों के लिए लंबे समय में Mac सस्ता - ऐप्पल का कहना है कि सपोर्ट टिकिट, कम सॉफ्टवेयर की ज़रूरत आदि की वजह से Mac लंबे समय में कंपनियों के लिए सस्ता रहता है।

7. ज़्यादा इनोवेटिव कंपनियां चुनती हैं Mac - ऐप्पल का कहना है कि ज़्यादा इनोवेटिव कंपनियां अन्य लैपटॉप्स के बजाय Mac को चुनती हैं।

8. बेहतर सिक्योरिटी - ऐप्पल का कहना है कि Mac अन्य लैपटॉप्स की तुलना में यूज़र्स के लिए ज़्यादा सिक्योरिटी मुहैया कराता है।

9. बिज़नेस ऐप्स Mac पर बेहतर - ऐप्पल का कहना है कि अन्य लैपटॉप्स की तुलना में Mac पर बिज़नेस ऐप्स बेहतर होते हैं।

10. ऐप्पल के इको-सिस्टम में ऐप्पल के आईफोन्स और Mac बेहतर - ऐप्पल का कहना है कि अगर यूज़र्स ऐप्पल के इको-सिस्टम में तो Mac और आईफोन्स फीचर्स में अन्य कंपनियों के डिवाइसेज़ से बेहतर हैं।

11. Mac पर काम करना मज़ेदार - ऐप्पल का कहना है कि अन्य लैपटॉप्स की तुलना में Mac पर काम करना मज़ेदार है।

Apple vs. Microsoft
Tanay Mishra
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