
iphone निर्माता कंपनी Apple एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। बता दें कि एप्प्ल ने आईफोन 12 के साथ चार्जर देना बंद कर दिया। अब इसी वजह से एप्पल पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील की कंज्यूमर प्रोटेक्शन एजेंसी Procon-SP ने आईफोन के बॉक्स के साथ चार्जर न देने पर 2 मिलियन डॉलर यानी करीब 14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही एजेंसी ने एप्पल से यह भी पूछा है कि अगर कंपनी फोन के साथ चार्जर नहीं दे रही तो उसकी कीमत क्यों नहीं घटाई गई। एजेंसी Procon-SP का कहना है कि एप्पल पर बिना चार्जर के डिवाइस बेचने, भ्रामक विज्ञापन और अनुचित नियमों की वजह से यह जुर्माना लगाया गया है।
एंजेसी ने पूछे ये सवाल
Procon-SP ने एप्पल से कई सवाल पूछे। एजेंसी ने पूछा कि अगर कंपनी आईफोन 12 के साथ चार्जर नहीं दे रही है तो क्या चार्जर निकालने की बाद इसकी कीमत कम की गई? साथ ही एजेंसी ने एप्पल से चार्जर के साथ और बिना चार्जर के फोन की कीमत के बारे में भी पूछा। साथ ही एप्पल से पूछा गया कि क्या कंपनी ने चार्जर का प्रोडक्शन कम कर दिया है? हालांकि एप्पल ने अभी तक इन सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। साथ ही एप्प्ल ने यह भी नहीं बताया कि बिना चार्जर के आईफोन 12 की कीमत क्या है और चार्जर के साथ इसकी कितनी कीमत है।
iOS अपडेट में आई दिक्कत पर लगाई डांट
इसके अलावा ब्राजील की कंज्यूमर प्रोटेक्शन एजेंसी Procon-SP ने आईओएस अपडेट में यूजर्स को आई परेशानी को लेकर भी डांट लगाई। एजेंसी ने कहा कि कुछ यूजर्स को आईफोन में आईओएस अपडेट करने के बाद फोन के फंक्शंस में परेशानी आई थी और इसमें कंपनी ने यूजर्स की कोई मदद नहीं की। एजेंसी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर फर्नांडो कैपेज ने कहा कि Apple को यह समझने की जरूरत है कि ब्राजील में कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियम बेहद मजबूत हैं। कंपनी को इन नियमों की इज्जत करनी चाहिए।
एप्पल ने बताई थी चार्जर हटाने की वजह
एप्पल ने पिछले एक वर्चुअल इवेंट में अक्टूबर माह में आईफोन 12 सीरीज को लॉन्च किया था। साथ ही एप्पल ने यह भी ऐलान किया था कि आईफोन 12 के बॉक्स में यूजर्स को साथ में चार्जर नहीं मिलेगा। कंपनी ने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि कई लोगों के पास पुराने आईफोन्स के चार्जर हैं। ऐसे में कंपनी ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) को कम करना चाहती है। कंपनी का कहना था कि इससे पर्यावरण को फायदा होगा। हालांकि एप्पल के इस फैसले के बाद कई क्रिटिक्स ने कंपनी की आलोचना करते हुए कहा था कि कंपनी यह फैसला वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए नहीं बल्कि शिपिंग कॉस्ट को कम करने के लिए कर रही है।
Published on:
21 Mar 2021 06:24 pm
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