1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रुपये में कमजोरी आैर बढ़ते तेल के दाम ने इनके डूबाए 65 अरब रुपये, पीएम मोदी के लिए भी बढ़ी चिंता

हफ्ते के केवल दो कारोबारी सत्र के बाद विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को 14.5 अरब रुपये के शेयर्य बेच दिए हैं।

2 min read
Google source verification
Indian Rupee

रुपये में कमजोरी आैर बढ़ते तेल के दाम ने इनके डूबाए 65 अरब रुपये, पीएम मोदी के लिए भी बढ़ी चिंता

नर्इ दिल्ली। डाॅलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी है। रुपये में कमजोरी का सबसे बड़ा असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को पूरे दिन लाल निशान पर कारोबार करने के बाद सेंसेक्स आैर निफ्टी जोरदार गिरावट के साथ बंद हुए थे। आज सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को एक बार फिर शेयर बाजार में बिकवाली का दौर देखने को मिल रहा है। एक तरफ शेयर बाजार तो दूसरी तरफ चालू खाता घाटे में बढ़ोतरी आैर कच्चे तेल के दाम ने विदेशी निवेशकों का भारत से मोह भंग करना शुरु कर दिया है। इन सब कारकों ने विदेश निवेशकों के साथ-साथ घरेलू इक्विटी पर भी बुरा प्रभाव डाला है।


65 करोड़ रुपये का पड़ा फटका
लेकिन इसी बीच अब भारत के लिए जो चिंता का विषय बनता जा रहा है वो ये कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का भारतीय बाजार से अपनी रकम निकालने में लगे हुए है। हफ्ते के केवल दो कारोबारी सत्र के बाद विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को 14.5 अरब रुपये के शेयर्य बेच दिए हैं। इसके साथ ही बीते एक माह में विदेशी निवेशकों द्वारा बेचे गए शेयर्स की कुल रकम बढ़कर 65 अरब रुपये हो गर्इ है। क्रेडिट सुर्इस वेल्थ मैनेजमेंट के भारतीय प्रमुख जितेन्द्र गोहिल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि, लोकसभी चुनाव से पहले ये उंचे ब्याज दरों आैर कमजोर मैक्रोइकोनाॅमिक फंडामेंटल्स का माहौल है। हमारा मानना है कि आने वोल दिनों में बाजार में गिरावट का दौर जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि उम्मीद से कम जीएसटी राजस्व, चालू खाते के टार्गेट का पूरा करना, रुपये में रिकाॅर्ड कमजोरी आैर कच्चे तेल की कीमतों ने मैक्रोइकाेनाॅमी सेक्टर पर दबाव डाल रहा है। बताते चलें साल दर साल के हिसाब रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला एशियार्इ करेंसी बन गया है आैर अब तक इसमें 12.14 फीसदी तक की गिरावट हाे चुकी है।


बाजार में जाेरदार गिरावट
पिछले दिन 509 अंकों की बड़ी गिरावट के बाद बुधवार को सेंसेक्स की शुरुआत सपाट स्तर पर हुर्इ है। आज बाजार खुलने के थोड़ी देर बाद एक बार फिर बिकवाली का दौर देखने को मिल रहा है। निफ्टी भी बीते दिन 150 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ आैर आज सपाट स्तर पर खुला है। निफ्टी 11300 के नीचे ही कारोबार करते हुए दिखार्इ दे रहा है।शेयर बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बाजार में वोलेटिलीटि देखने को मिल रहा है। अधिकतर बाजार आैर देशों की मुद्राआें में गिरावट का दौर चल रहा है। ये कार्इ आश्चर्यजनक बात नहीं है। हम जानते हैं कि बाजार में कभी भी 5 से 10 फीसदी की बढ़त देखी जा सकती है। पिछले 18 माह का समय बाजार के अच्छा ही रहा है। बेंचमार्क इंडेक्स अपने उच्चतम स्तर पर से 3 से 4 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं।