बता दें कि कई ऑयल रिफाइनरी कंपनियों ने बीएस6 ईंधन उपलब्ध कराने के लिए अपनी सुविधाओं पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च कर दिया है। उपरोक्त दो अधिकारियों के मुताबिक, कंपनियों द्वारा इस भारी निवेश के बाद अब उन्हें ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से रिटर्न की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह केवल तार्किक ही है। कॉस्ट रिकवर करने पर सबसे अधिक फोकस है। कंपनियां अभी मुनाफे के बारे में नहीं सोच रही हैं।