
बम ब्लास्ट से नहीं इस चीज से सहम जाते हैं पाकिस्तान के लोग, मची हुर्इ है तबाही
नर्इ दिल्ली। पाकिस्तान आम चुनाव से पहले सभी पाकिस्तानी पार्टियों के नेताआें ने लोगों से काफी वादे किए हैं। खासकर आतंकी घटनाआें को लेकर। क्योंकि मौजूदा समय में पाकिस्तानी आतंकवाद दुनिया के लिए मुसिबतों का सबब बना हुआ है। उससे कहीं ज्यादा नुकसानदेह पाकिस्तान, पाकिस्तानियों आैर पाकिस्तानी लोगों के लिए हैं। लेकिन आतंकवाद आैर बम ब्लास्ट ज्यादा पाकिस्तान के एक दूसरी चीज से डरते हैं। वास्तव में वो पाकिस्तानी लोगों के लिए आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक बन गया है। उनकी तबाही का सबब बन गया है। आइए आपको भी बताते हैं…
पेट्रोल-डीजल के दाम
वास्तव में वो चीज आैर कोर्इ नहीं बल्कि पेट्रोल आैर डीजल के दाम हैं। जिसकी वजह से देश में महंगार्इ अपने चरम पर है। अगर आंकड़ों की बात करें तो पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम 100 रुपए प्रति लीटर के आसपास हैं। वहीं डीजल की कीमत 119 रुपए प्रति लीटर है। ये दाम पाकिस्तानी रुपए के हिसाब से है। उसके बाद भी पाकिस्तान के लोगों के लिए काफी महंगा है। यह रेट पाकिस्तान के चुनाव से पहले एक जुलार्इ से लागू कर दिए गए थे। जबकि भारतीय रुपए के हिसाब से इनकी कीमतों की गणना की जाए तो पेट्रोल की कीमत 55 रुपए प्रति लीटर के आसपास आैर डीजल की कीमत 60 रुपए प्रति लीटर बनेगा।
लगातार बढ़ रही है महंगार्इ
पाकिस्तान में पेट्रोल आैर डीजल के दाम बढ़ने वहां के लोगों को महंगार्इ का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की केयरटेकर सरकार देश में बढ़ती महंगाई को रोकने या कम करने में लगातार नाकाम रही है। जब पाकिस्तान में पेट्रोल आैर डीजल के दामों को बढ़ाया गया था तो वित्त मंत्री ने पेट्रोल की कीमत बढ़ने के पीछे तंग राजकोषीय स्थिति को कारण बताया था। उन्होंने कहा था कि ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (ओजीआरए) की सिफारिशों पर कीमतों को बढ़ाया गया है जिसका सीधा असर पाकिस्तान के लोगों पर पड़ेगा।
पाकिस्तानी चुनाव का अहम मुद्दा
वहीं दूसरी आेर पाकिस्तानी चुनाव का इस बार का सबसे अहम मुद्दा आतंकवाद के साथ देश में बढ़ती महंगार्इ आैर पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें हैं। वहां के लोगों की मानें तो अब एक एेसी सरकार को आना चाहिए जो देश की आर्थिक हालातों को सुधारे आैर महंगार्इ को कम करें। जानकारों की मानें तो पाकिस्तान की इकोनाॅमी आैर महंगार्इ के कम होने में थोड़ा समय लगेगा। इसके लिए प्रक्रिया की जरुरत है। जिसे लंबे समय तक अपनाए जाने की जरुरत है।
Published on:
25 Jul 2018 03:21 pm
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