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अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयरों में भारी गिरावट, 48 फीसदी तक लुढ़का

सोमवार को आरकाॅम के शेयरों में 48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गर्इ।
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Anil Ambani

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयरों में भारी गिरावट, 48 फीसदी तक लुढ़का

नर्इ दिल्ली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। दिवालिया प्रक्रिया के लिए आवेदन के बाद सोमवार को आरकाॅम के शेयरों में 48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गर्इ। बता दें कि उधारकर्ताआें को कर्ज चुकाने में नाकाम रही आरकाॅम ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत नेशनल कपंनी लाॅ ट्रीब्यूनल (एनसीएलटी) में आवेदन करने की घोषणा कर चुकी है। बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज पर आरकाॅम के शेयर 48.27 फीसदी लुढ़ककर 6 रुपए प्रति शेयर के भाव पर आ गया। सुबह कारोबार की शुरुआत में करीब 9:40 बजे कंपनी का शेयर 7.34 रुपए प्रति शेयर के भाव पर दिखार्इ दिया। बीएसर्इ का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 0.23 फीसदी लुढ़ककर 36,386 के स्तर पर था।


रिलायंस की अन्य कंपनियों के शेयरों में गिरावट

केवल रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर्स ही नहीं बल्कि अनिल अंबानी की स्वामित्व वाली अन्य कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गर्इ। रिलायंस कैपिटल 11 फीसदी, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड 7 फीसदी, रिलायंस पावर लिमिटेड 11 फीसदी आैर रिलायंस नेवल एंड इंजिनियरिंग लिमिटेड 11 फीसदी लुढ़ककर बंद हुए। कंपनी ने अपने बयान में कहा, "आर काॅम निदेशक बोर्ड ने फैसला लिया है कि कंपनी कर्ज नहीं चुका सकी है, इसको ध्यान में रखते हुए कंपनी दिवालिया प्रक्रिया के लिए एनसीएलटी में आवेदन करेगी।"


दिवालिया प्रक्रिया के लिए अावेदन करने वाली दूसरी टेलिकाॅम कंपनी बनी आरकाॅम

मार्च 2018 तक कंपनी पर कुल 46,547 रुपए का कर्ज था। इसके साथ ही आरकाॅम उन टेलिकाॅम कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गर्इ है जिन्होंने दिवालिया कानून के लिए आवेदन किया है। बता दें की एयरसेल ने भी दिवालिया प्रक्रिया के लिए अावेदन किया था। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा कि उसने 12 फरवरी 2018 को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनिवार्य किए गए 100 फीसदी अप्रुवल आैर कंसेन्सस को पूरा नहीं कर सकी है। आरबीआर्इ ने यह अनिवार्यता उन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लिया था जिसमें 40 उधारकर्ता (देसी व विदेशी) शामिल थे।


45 मीटिंग्स भी नहीं हो पार्इ सफल

गौरतलब है कि दिसंबर 2017 को आरकाॅम के सभी स्पेक्ट्रम बड़े भार्इ मुकेश अंबानी रिलायंस जियो को बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि मार्च 2018 तक सभी उधारकर्ताआें की राशि चुका दी जाएगी। कंपनी ने इस सिलसिले में करीब 45 मीटिंग्स की लेकिन सफल नहीं हो पार्इ।
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