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पांच महीने के निचले स्तर पर रुपया, आपकी जेब पर एेसे होगा असर

अाज डाॅॅॅलर के मुकाबले रुपए में कमजाेरी देखने काे मिली। रुपया 65.36 के स्तर आ गया है जाे कि पिछले पांच माह के निचले स्तर पर है।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 12 Apr 2018, 4:03 PM IST

rupee

नर्इ दिल्ली। आज (गुरुवार) डाॅलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले दिन की गिरावट के बाद आज रुपए की शुरुआत सपाट चाल के साथ हुर्इ थी लेकिन थोड़े समय के कारोबार के बाद से फिर गिरावट का रुख कर लिया। आज डाॅलर के मुकाबले रुपया 65.36 के निचले स्तर पर फिसल चुका है। पिछले पांच महीनें में रुपए का ये सबसे न्यूनतम स्तर है। इसके पहले अंतिम बार नवंबर 2017 में रुपया इतने निचले स्तर पर था। रुपए में इस कमजोरी से आपके काफी नुकसान हो सकता है।

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पेट्राेल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, बढ़ेगी महंगार्इ

डाॅलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी से कर्इ नुकसान हो सकते हैं। इसमें सबसे बड़ा नुकसान पेट्रोल-डीजल के दामों में होने वाली व्रद्रधि से होगा। घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के दो मुख्य कारण है जिनमें से रुपए की कमजोरी भी एक है। दरअसल रुपए में कमजोरी से देश की आॅयल मार्केटिंग कंपनियों को कच्चे तेल के आयात में अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं, जो कि बाद में तेल कंपनियां आपकी जेब से वसूलती हैं। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी का असर बाजार के दूसरे सामानों पर भी बढ़ेगा। क्योंकि सामानों के ट्रांसपोर्ट पर भी लगने वाला खर्च पहले के अपेक्षा बढ़ जाएगा।


विदेशों में घूमना भी होगा महंगा

अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे तो भी रुपए में आर्इ कमजोरी से आपको नुकसान हो सकता है। विदेश घूमने के लिए आपको डाॅलर की जरुरत होगी, जिसके लिए डाॅलर के मुकाबले आपको पहले से अधिक रुपए खर्च करने होंगे। मान लीजिए यदि आप विदेश जाने के लिए हवार्इ टिकट पर 5,000 डाॅलर खर्च कर रहे हैं, अब इसके लिए आपको पहले से अधिक पैसे खर्च करना पड़ेगा।

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विदशों में पढ़ार्इ होगी महंगी

अगर आपके घर को कोर्इ बच्चा विदेशों में पढ़ार्इ कर रहा है तो इसके लिए आपको अधिक पैसे खर्च करने होंगे। रुपए के मुकाबले डाॅलर के मजबूत होने से अब आपको अपने बच्चे की पढ़ार्इ के लिए ज्यादा पैसे भेजने पड़ेंगे। इस तरह रुपए की कमजोरी से आपको विदेशों में पढ़ रहे बच्चों के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना होता है।


विदेशों में पेमेंट करना भी होगा महंगा

यही नहीं, इसके साथ भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी महंगा हाे जाएगा। लिहाजा, आम अादमी के नजरिए से देखें तो डाॅलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी का असर लोगों के जेब पर पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ फायदे भी हो सकते हैं।


क्या हैं फायदे

हालांकि डाॅलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी से कुछ फायदे भी होंगे। यदि अाप कुछ एेसा काम कर रहे जिसका पेमेंट डाॅलर में होता है तो रुपए की कमजोरी से आपको फायदा हो सकता है। वहीं विदेशों में निर्यात होने वाले सामान एवं सेवाआें से भी आपको फायदा हो सकता है।