आज होगा भारत बंद, परेशानी से बचने के लिए पहले ही लें जरूरी काम

आज होगा भारत बंद, परेशानी से बचने के लिए पहले ही लें जरूरी काम

| Publish: Sep, 27 2018 05:35:14 PM (IST) | Updated: Sep, 28 2018 08:42:42 AM (IST) बाजार

कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से बुलाए गए इस भारत बंद में देशभर के करीब 7 करोड़ व्यापारी अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रखेंगे।

नई दिल्ली। वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदा और खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के विरोध शुक्रवार 28 सितंबर को व्यापारी भारत बंद रखेंगे। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से बुलाए गए इस भारत बंद में देशभर के करीब 7 करोड़ व्यापारी अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि वालमार्ट-फ्लिपकार्ट के बीच सौदे से देश के छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा, क्योंकि वालमार्ट-फ्लिपकार्ट के ई-कॉमर्स प्लेटफार्म का उपयोग करते हुए देश के खुदरा बाजार में दुनियाभर से खरीदे गए सामान भर देगा। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ व्यापारी बल्कि छोटे उद्योग से जुड़े लोग भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि कैट सरकार से खुदरा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदा रद्द करने की दिशा में पहल करने की मांग करेगा।

दिल्ली में सीलिंग का भी किया जाएगा विरोध

कैट की ओर से बुलाए गए भारत बंद का दिल्ली में व्यापक असर दिख सकता है। इसका कारण यह है कि दिल्ली के व्यापारी इस भारत बंद के दौरान दिल्ली में चल रहे सीलिंग अभियान का भी विरोध करेंगे। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि शुक्रवार के भारत बंद के दौरान दिल्ली के व्यापारी सरकार से सीलिंग को रोकने के लिए अध्यादेश लाने की मांग करेंगे। खंडेलवाल ने कहा कि बीते नौ महीने में दिल्ली में हजारों दुकानों-प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। इससे इन व्यापारियों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर के भारत बंद में दिल्ली के कनाट प्लेस, चावड़ी बाजार, चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, सदर बाजार, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज, करोलबाग, कमला नगर, रोहिणी समेत साउथ एक्सटेंशन, ग्रीन पार्क, ग्रेटर कैलाश, कालकाजी समेत लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर समेत अन्य बाजार प्रमुख रूप से बंद रहेंगे।
दवा कारोबारी भी होंगे बंद में शामिल
व्यापारियों के अलावा दवा कारोबारियों और मेडिकल स्टोर संचालकों ने भी 28 सितंबर को भारत बंद का एेलान किया है। यह दवा कारोबारी ई-फार्मेसी का विरोध कर रहे हैं। दवा कारोबारियों का कहना है कि यदि सरकार ई-फॉर्मेसी को लेकर नया एक्ट लागू कर देती है तो इससे कारोबारियों के साथ-साथ मरीजों को भी नुकसान होगा। दवा कारोबारी पहले भी इस एक्ट का विरोध कर चुके हैं। एेसे में कारोबारियों और दवा कारोबारियों के भारत बंद से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आप भी इस भारत बंद के कारण होने वाली किसी भी परेशानी से बचने के लिए आज ही जरूरी सामान खरीद लें।

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