हीरा व्यवसायियों की आय में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी

भारतीय हीरे के निर्यात के लिए मिले अच्छे संकेत।

By: विकास गुप्ता

Updated: 03 Jun 2021, 04:19 PM IST

मुंबई । भारत में कोविड महामारी की पहली लहर के बाद मांग में तेजी आने से हीरा निर्यात चालू वित्त वर्ष में 20 अरब डॉलर के पार जाने की उम्मीद है। निर्यात से राजस्व पिछले वित्त वर्ष में 16.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। लॉकडाउन में गिरावट 12% रही, लेकिन दूसरी छमाही में सुधार से गिरावट को रोक दिया गया।

हीरा व्यापारियों की आय 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। क्रिसिल की रिपोर्ट कहती है कि अमरीका और चीन में हीरे और आभूषणों की खपत बढ़ गई है, जो भारत के पॉलिश किए गए हीरे के निर्यात का 75 प्रतिशत है। यात्रा पर प्रतिबंध और आतिथ्य समारोह पर कम खर्च मुख्य रूप से हीरे के आभूषणों सहित उपहार देने पर खर्च करने तक सीमित है। यह भारत के हीरे के निर्यात के लिए अच्छे संकेत है।

पूर्व के स्टॉक में वृद्धि हुई: महामारी ने कच्चे हीरे की सूची के प्रबंधन में भी सुधार किया है। पहले रफ की कीमतों में पॉलिश किए गए हीरे की तुलना में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिससे स्टॉक में वृद्धि हुई।

प्रतिमाह निर्यात बढऩे की संभावना-
क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक राहुल गुहा कहते हैं कि निर्यात बढ़ रहा है और अक्टूबर, 2020 से प्रतिमाह औसतन 2 बिलियन डॉलर तक होने की संभावना है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कुछ मॉडरेशन होगा। तीसरी तिमाही से निर्यात स्थलों में शुरू होने वाला त्योहारी सीजन राजस्व को महामारी से पहले के स्तर तक बढ़ा देगा। यह इस वित्त वर्ष में राजस्व से हीरे के निर्यात में 20% की वृद्धि के समान हो जाएगा।

प्रवास का सामना करना पड़ा-
दूसरी लहर की शुरुआत में छोटी श्रम-गहन पॉलिशिंग इकाइयों को 20-30% श्रम प्रवास का सामना करना पड़ा है। बड़े लोगों ने कर्मचारियों को सुरक्षित परिवहन प्रदान कर इसे 10त्न तक सीमित कर दिया। इस वर्ष किसी भी उत्पादन हानि से निपटने के लिए पर्याप्त इंवेंट्री के साथ वर्तमान परिचालन दर 80त्न से अधिक है।

विकास गुप्ता
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