US Election 2020: 88 साल बाद अमरीकी बाजार में सबसे बड़ी तेजी

  • इतिहास को देखें तो इलेक्शन के एक दिन की शेयर बाजार की रैली अगले तीन महीनों तक रहती है जारी
  • विश्लेषकों के अनुसार अगले तीन महीनों में बेंचमार्क का औसत लाभ 4.4 फीसदी का देखने को मिला है

By: Saurabh Sharma

Updated: 05 Nov 2020, 01:55 PM IST

नई दिल्ली। भले ही अमरीकी चुनाव के नतीजे पूरी तरह से सामने नहीं आए हों, लेकिन इलेक्शन के एक दिन बाद शेयर बाजार के नतीजे सामने आ गए हैं। इतिहास इस बात का गवाह है कि जब पोस्ट इलेक्शन शेयर बाजार में तेजी देखने को मिलती है उसका असर अगले तीन महीनों तक देखने को मिलता है। ताज्जुब की बात तो यह है कि अमरीकी इंडेक्स एसएंडपी 500 में 88 साल के दौरान अमरीकी चुनाव के बाद सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली है। आइए आपको भी बताते हैं कि अमरीकी बाजारों का किस तरह का रिएक्शन देखने को मिला है और आने वाले महीनों में किस तरह की उम्मीदें की जा रही हैं।

1932 के बाद पहली बार सबसे बड़ी तेजी
एसएंडपी 500 इंडेक्स ने बुधवार को 2.2 फीसदी की छलांग लगाई। इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट के बाद 1932 अमरीकी चुनाव के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। उस दौरान भी चुनाव के एक दिन के बाद एसएंडपी 500 इंडेक्स में इतनी बड़ी तेजी देखने को मिली है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषण दिखाता है कि अगले तीन महीनों में बेंचमार्क का औसत लाभ 4.4 फीसदी का रहा है। मीडिया रिपोर्ट में एक्सपर्ट जेसन गोएफ़र्ट ने एक नोट में लिखा है। जिसमें कहा कहा गया है कि चुनाव के बाद शुरुआती रिएक्शन काफी अच्छा देखने को मिला है। जो कि आने वाले दिनों के लिए काफी अच्छे संकेतों की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने अपने नोट में कहा है कि पहली बार एसएंडपी 500 एक चुनाव के दिन और उसके बाद दोनों दिन 1.5 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार करता रहा है।

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प्रोत्साहन राशि नहीं तो टैक्स का बोझ भी नहीं
चुनाव परिणाम अभी भी तक नहीं आया है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराने के कगार पर हैं। वहीं ट्रंप की टीम ने कम से कम दो राज्यों में वोटों की गिनती को रोकने के लिए कानूनी लड़ाई का मोर्चा खोल लिया है। सीनेट रिपब्लिकन नियंत्रण में रहने के लिए सेट लग रहा है। वहीं बड़ी प्रोत्साहन राशि जैसे ताजा नीतिगत कदमों के लिए गुंजाइश कम ही देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर कर बढ़ोतरी या अधिक रेगुलेशन की संभावना भी कम ही है। जिसे निवेशक सकारात्मक रूप से देख रहे हैं। जानकार एस्टी ड्वेक के अनुसार अगर बाइडन का प्रभाव बढ़ता है तो बाजारों को खुश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही हमें सबसे बड़ा राजकोषीय पैकेज नहीं मिलेगा, लेकिन कर बढ़ोतरी को बोझ भी नहीं बढ़ेगा। जिससे विनियमन बाजार चिंतित दिखाई दे रहे थे।

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मौजूदा समय में बाजार का हाल
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल आने से अपने बराबर वजन वाले एसएंडपी 500 इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया है। उसके अलावा एसएंडपी 500 वायदा टोक्यो में 0.7 फीसदी चढ़ गया। गुरुवार को नैस्डैक 100 अनुबंध 1.5 फीसदी अधिक थे। एशियाई और उभरते बाजार शेयर 2018 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर चढ़ गए।

Saurabh Sharma
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