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10 rupee coin
मथुरा। मथुरा धार्मिक नगरी है। जहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में सैकड़ों मंदिर पड़ते हैं। यहां पर्यटकों को और श्रद्धालुओं को छुट्टे पैसों की जरूरत होती है। अगर आपको चाय पीनी पड़ी तो वहां पर 10 रुपए का सिक्का दुकानदार नहीं लेगा जबकि वहीं बगल के सभी जिलों में इसे दुकानदार लेते हैं। अगर आप विरोध करेंगे तो दुकानदार आपसे लड़ाई पर उतर जाएगा। इस समस्या पर पढ़िए पत्रिका की विशेष रिपोर्ट।
बैंक नहीं लेता छुट्टे पैसे
भारत सरकार जहां एक तरफ 200 रुपए की नोट लाने जा रही है वहीं 10 रुपए के सिक्के पर आफत है। लोगों को छोटी करेंसी की ज्यादा जरूरत होती है। प्रतिदिन की जरूरत के मुताबिक लोगों को 10 रुपये और पांच रुपए के सिक्कों की आवश्यकता रहती है। ऐसे में 10 रुपए के सिक्के न लिए जाने पर लोगों को परेशान होना पड़ता है। 10 रुपये के सिक्के के बंद होने और नकली होने की अफवाह तेजी से चल रही है। इसी के चलते बाजार में रिटेलर से लेकर
होल सेलर व्यापारी तक सिक्के नहीं लेना चाहते। इनका कहना है कि बैंक इनसे सिक्के नहीं लेता, और न ही ग्राहक सिक्के ले रहे हैं जिससे उनके पास सिक्को का स्टॉक हो गया है ।
यह है परेशानी
मोतीलाल, मनीष गुप्ता, मनीष उपाध्याय इन सभी दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक दस रुपये के सिक्के लेकर आता है, और हमसे झगड़ा भी करता है। दस के सिक्के हम इसलिए नहीं ले रहे है की बैंक छुट्टे पैसे नहीं ले रहा है। जो भी ग्राहक आता है सिक्के लेकर हम उनसे मना करते है तो पुलिस को फोन कर देते है। पुलिस आती है और हमे परेशान करती है। अगर ऊपर से कोई ऐसा आदेश नहीं आया की दस के सिक्के को बैंक नहीं लेंगे तो फिर चलाया ही क्यों इससे अच्छा है की चलाते ही नहीं तो ऐसी परेशानी नहीं होती ।
स्टॉफ की कमी का रोना
बैंक वाले इन सिक्कों को इसलिए नहीं लेते कि उनके यहां स्टॉफ कम है। जो उनके इन छुट्टे पैसों को गिने। अब सवाल है कि यदि सिक्के का लेन-देन नहीं होगा, प्रचलन में नहीं रहेगा तो भला ये सिक्के कैसे चलेंगे। मथुरा वृन्दावन सहित जिले की अधिकांश सभी प्रमुख बैंकों की शाखाओं में सिक्के नहीं लिये जा रहे हैं। वृन्दावन रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर प्रशांत कुमार ने तो साफ शब्दों में ये तक कह दिया कि बचत खाता धारकों से सिक्के नही लिए जाएंगे, केवल चालू खाते वालों से ही 10 रुपए के सिक्के लेंगे ।
कब मिलगी निजात ?
अब देखना यह है कि जनता के सामने इन सिक्कों की वजह से पैदा हुई इस समस्या के समाधान के लिए शासन प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है। जिससे कि राष्ट्रीय मुद्रा का इस तरह से अपमान न हो और जनता की परेशानी भी दूर हो जाए।
Published on:
24 Aug 2017 01:51 pm
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