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मथुरा। नगर निगम कैबिनेट के एक फैसले ने 18 गांवों के लोगों को महानगर का वासी बना दिया। नगर निगम मथुरा वृंदावन के गठन के बाद यह नगर निगम का पहला सीमा विस्तार है। इससे पहले 51 गांवों का विलय गठन के साथ ही कर लिया गया था।
भूतेश्वर स्थित जलनिगम के कार्यालय में नगर निगम की कैबिनेट बैठक के दौरान सभी 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नगर निगम की कैबिनेट बैठक में रखे गए सभी 11 प्रस्ताव आसानी से पास हो गए, लेकिन सीमा विस्तार के लिए रखा गया प्रस्ताव आठ को पढने के साथ ही पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पार्षदों ने निगम के अधिकारियों पर मनमर्जी से गांव का चयन करने का आरोप लगाया। प्रस्ताव आठ में मथुरा तहसील के 13 राजस्व गांव, मांट तहसील के पांच राजस्व गांव, नगर निगम में शामिल किए जाने थे। हंगामे के बीच इन 18 गांवों को सीमा विस्तार में शामिल करने की मंजूरी मिल गई।
ये गांव हुए शामिल
नगर निगम के सीमा विस्तार के दौरान गांव मुकुन्दपुर, छटींकरा, नगला स्टेशन, सुनरख बांगर, सुंदर खादर, आट्स बांगर, आट्स खादर, जैंत, वृन्दावन बांगर का देहात भाग, वृन्दावन खादर का देहात भाग, राजपुर बांगर तथा राजपुर नौबरामद ग्राम पंचायत, राजपुर खादर, तैहरा, अल्हैपुर, जहांगीरपुर खादर तहसील मांट, डांगौली खादर तहसील मांट, अरूआ खादर तहसील मांट, पानी गांव खादर तहसील मांट, पानी गांव खादर दाऊगुलाब सिंह तहसील मांट को शामिल किया गया। ये सभी गांव नगर निगम मथुरा वृन्दावन विस्तार के अन्तर्गत अब नगर निगम में सम्मिलित कर लिए जाएंगे।
ये बोले पार्षद
हालांकि इस मामले में पार्षदों का कहना था कि नगर पालिका से निगम बनते समय 51 गांव शामिल हुए थे, इन गांवों का चयन करते समय जो गलती निगम ने की थी, उसे फिर से दोहराया है। मनमाने तरीके से इस प्रस्ताव को पास किया गया है।
Published on:
15 Nov 2019 10:40 am
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