
baba jai gurudev ashram
मथुरा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मथुरा में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम में हड़कंप मच गया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (UPSIDC) के पांच पार्कों की जमीन पर अवैध कब्जों को एक सप्ताह में हटाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में डेरा सच्चा सौदा जैसे हालात नहीं बनने दिए जाएंगे।
जनहित याचिका पर दिया आदेश
बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्थान द्वारा यूपीएसआईडीसी की जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। बाबा जयगुरुदेव आश्रम सैकड़ों एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। याचिकाकर्ता राजेंद्र सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर यूपीएसआईडीसी की जमीन जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्थान के कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण टण्डन और संगीता चन्द्रा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
अब तक 106 एकड़ जमीन चिन्हित
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्थान से जुड़ी जमीन के मामले में पिछले दिनों शासन को जांच के आदेश दिए थे। इसमें संस्थान के कब्जे में सरकारी और गैर सरकारी जमीन की रिपोर्ट मांगी गई थी। सर्वे में जयगुरुदेव आश्रम क्षेत्र की चारदीवारी और उससे सटे औद्योगिक क्षेत्र में अब तक 106 एकड़ जमीन चिन्हित हुई है। इसमें कितनी सरकारी जमीन है, उसकी जांच की जा रही है।
आश्रम में गौशाल, कैंटीन, रेस्टोरेंट
सौ एकड़ से भी ज्यादा जमीन पर फैले बाबा जयगुरुदेव आश्रम में खेती भी की जाती है। आश्रम में रहने वाले लोग खेती करते हैं, ताकि बाहर से सब्जी को खरीदना पड़े। इतना ही नहीं बाबा जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्थान की अपना पेट्रोल पंप भी है, जो एनएच दो पर बना हुआ है। बाबा जयगुरुदेव के नाम से डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज भी बना हुआ है। एक रेस्टोरेंट और कैंटीन भी संस्थान के नाम से चलती है। बाबा जयगुरुदेव आश्रम में एक गौशाला भी है। जिसमें सैकड़ों गाय हैं।
Published on:
28 Aug 2017 09:01 pm
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