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6.16 करोड़ के हिंडोले में सोने-चांदी की पोशाक पहने दर्शन दे रहे बांके बिहारी

-सावन में काशी में बाबा की धूम, अयोध्या में रामलला भी झूल रहे झूला

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vrindavan temple

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मथुरा. सावन माह (Saawan Month) में काशी में जहां बाबा विश्वनाथ (Vishwanath) के विभिन्न रूपों की पूजा हो रही है वहीं, मथुरा-वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण (Lord Srikrishna) हरियाली से भरे हिंडालों (Hindola) पर झूलते हुए भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। उधर, अयोध्या (Ayodhya) के मंदिरों में रामलला (Ramlala) के लिए भी झूले सज गए हैं। वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भगवान कृष्ण स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान हैं। सोने-चांदी से बना यह हिंडोला 6.16 करोड़ रुपए का है। 74 साल पूर्व पहली बार ठाकुर जी इसी हिंडोले पर विराजमान हुए थे। तब से यही परंपरा चली आ रही है। 1000 तोला सोने से बने इस हिंडोले में 2000 तोला चांदी और कई रत्न भी जड़े हैं। सावनभर भगवान कृष्ण मथुरा के विभिन्न मंदिरों में हिंडोले पर सवार होकर ही भक्तों को दर्शन देगें।

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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा के अनुसार बांके बिहारी के स्वर्ण रंजित हिंडोले को 1946 में सेठ हरगुलाल बेरीवाल ने बनारस के कारीगर लल्लू से बनवाया था। इसमें दोनों ओर सखियों की तस्वीरे हैं। ठाकुर जी की पोशाक सोने-चांदी बनी है। रेशम व सोने-चांदी के वर्क वाली हरे रंग की पोशाक उन पर खूब फब रही है। 15 अगस्त 1947 को पहली बार ठाकुर जी इस हिंडोले पर विराजमान हुए थे।

हर बड़े मंदिर में सोने-चांदी के हिंडोले

मथुरा, गोकुल, बरसाना और ब्रज के कई अन्य मंदिरों में भी सावन माह में हिंडोले सजे हैं। द्वारकाधीश मंदिर में दो हिंडोले चांदी के हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी सोने के हिंडोले पर बाल रूप में कन्हैया विराजमान हैं। वृंदावन में राधारमण,राधावल्लभ और गोकुल में नंद भवन में भी सोने-चांदी के हिंडोले पर कृष्ण कन्हैया झूला झूल रहे हैं।

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द्वारकाधीश में घटाओं का आकर्षण
द्वारकाधीश मंदिर में इन दिनों नौ घटाओं के आयोजन की धूम है। घटाओं का मतलब है, ठाकुर जी को मंदिर से बाहर लाकर उन्हें अलग-अलग मौसम की अनुभूति कराना। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में ठाकुर जी की सेवा का स्वरूप बालरूप है। जैसे बच्चे घर से बाहर आकर मौसम का आनंद लेते हैं वैसे ही ठाकुर जी को भी मंदिर से बाहर लाकर उन्हें घटाओं की अनुभूति कराई जाती है। पहली घटा केसरी का आयोजन 6 अगस्त को हुआ। हरी घटा, सासनी घटा, आसमानी घटा, गुलाबी घटा, लाल घटा, लहरिया घटा में से अब तक तीन घटाएं हो चुकी हंै। आखिरी सफेद घटा 21 अगस्त को है। हर दिन नई-नई घटाओं में भक्त श्रीकृष्ण के दर्शन कर रहे हैं।