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461 वर्ष के हुए बांके बिहारी, धूम धाम से मनाया गया प्राकट्योत्सव

निधिवन से भगवान बांके बिहारी मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई इस शोभायात्रा में बांके बिहारी को एक अलग रथ पर विराजमान किया गया और धूमधाम से नाचते गाते बिहारी जी को मंदिर में लाया गया।

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मथुरा

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Amit Sharma

Dec 01, 2019

461 वर्ष के हुए बांके बिहारी, धूम धाम से मनाया गया प्राकट्योत्सव

461 वर्ष के हुए बांके बिहारी, धूम धाम से मनाया गया प्राकट्योत्सव

मथुरा। बिहार पंचमी के दिन ठाकुर बांके बिहारी जी का प्राकट्य उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। प्राकट्य उत्सव में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ढोल नगाड़ों की तान पर जम कर थिरके। भगवान बांके बिहारी की भक्ति में सराबोर नजर आए। निधिवन से भगवान बांके बिहारी मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई इस शोभायात्रा में बांके बिहारी को एक अलग रथ पर विराजमान किया गया और धूमधाम से नाचते गाते बिहारी जी को मंदिर में लाया गया।

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हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वामी हरिदास जी के द्वारा बाँके बिहारी भगवान को प्रकट किया गया। बाँके बिहारी के इस प्राकट्य उत्सव के हजारों श्रद्धालु साक्षी बने। सुबह स्वामी हरिदास जी ने भगवान बाँके बिहारी का पंचामृत से अभिषेक किया। भगवान के भक्तों ने स्वामी हरिदास जी की आरती की। आरती के बाद निधिवन से डोला निकाला गया। बाँके बिहारी प्राकट्य उत्सव की जानकारी देते हुए निधिवन के गोस्वामी सेवायत रोहित गोस्वामी ने बताया कि निधिवन से बाँके बिहारी मंदिर के लिए प्रस्थान कर स्वामी हरिदास महाराज बाँके बिहारी जी को लेकर गए थे। सुबह मंगला आरती की गई। इसके बाद सभी भक्त निधिवन आए और बिहारी जी के प्राकट्य स्थान पर सभी भक्तों ने भजन कीर्तन करते हुए बधाई गायी। बाँके बिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी आशीष ने बताया कि सुबह भगवान बाँके बिहारी के गर्भ ग्रह को साफ किया गया और बाँके बिहारी के प्रकट स्थल पर चंदन का लेप किया गया। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे बिहारी जी मंदिर निधिवन से पहुँचे और दोपहर 2:30 बजे राजभोग आरती की गई।

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बिहारी जी और स्वामी हरिदास ने एक साथ बैठकर किया भोजन

आशीष गोस्वामी ने यह भी बताया कि आज के दिन भगवान बांके बिहारी निधिवन से स्वामी हरिदास जी महाराज के साथ आते हैं। उनकी राजभोग आरती होती है तो भगवान बाँके बिहारी और स्वामी हरिदास जी एक साथ बैठकर भोग लगाते हैं और भक्तों में प्रसाद को बांट दिया जाता है।

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महाराष्ट्र के कलाकारों ने बिखेरा जलवा

भगवान बाँके बिहारी के प्राकट्य उत्सव पर शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा में तरह-तरह की झांकियां निकाली गईं और भक्त भगवान बाँके बिहारी को डोली में बिठाकर बाँके बिहारी मंदिर के लिए रवाना हुए। प्राकट्य उत्सव में महाराष्ट्र के कलाकारों ने भी अपना जमकर जलवा बिखेरा और ढोल की थाप पर लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया।

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शोभायात्रा में गरबा करती दिखी महिलाएं

भगवान बाँके बिहारी की शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और तरह-तरह की प्रस्तुति दी गई। शोभायात्रा में महिलाओं ने गरबा कर लोगों की निगाहों को ठहरा दिया।