
मथुरा। विकास खण्ड मांट के पुष्टाहार अधिकारी (सीडीपीओ) नीरज कुमार को एंटी करप्शन टीम ने आंगनबाड़ी महिला मिथलेश और उसके पति से 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। सीडीपीओ नीरज कुमार आंगनबाड़ी सहायिका को बर्खास्तगी का डर दिखाकर रुपए की मांग कर रहा था।
ये है मामला
भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को ख़त्म करने की बात करते हों लेकिन धरातल पर भ्रष्टाचार पूरी तरह से अपनी जड़ें जमाये हुए है।सरकारी अधिकारी, कर्मचारी भ्रष्टाचार को ख़त्म करने की जगह बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। ताजा मामला आया है मथुरा के विकास खंड मांट का। जहां पुष्टाहार अधिकारी आंगनबाड़ी साहिकाओं से रिश्वत की मांग कर रहा था। जब आंगनवाबाड़ी साहिकाओं ने रिश्वत के 10 हजार रूपए देने से मना कर दिया तो पुष्टाहार अधिकारी नीरज इनको बर्खास्त करने की धमकी देने लगा। आंगनबाड़ी साहिका मिथलेश का आरोप है कि पुष्टाहार लेने के लिए वह जब भी नीरज के पास जाती थी तो उनसे रिश्वत की मांग करता था। जब पानी सिर से ऊपर निकल गया तो सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स ने इस भ्रष्ट अधिकारी को सबक सिखने की ठान ली और एंटी करप्शन ब्यूरो को इस बारे में जानकारी दे दी। रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद हरकत में आयी एंटी करप्शन की टीम ने पुष्टाहार अधिकारी नीरज कुमार सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
दस हजार रूपए की मांगी थी रिश्वत
आंगनबाड़ी साहायिका मिथलेश के पति ने बताया कि मेरी पत्नी ने पिछले महीने से पुष्टाहार नहीं उठाया है। सीडीपीओ नीरज लगातार हजार रूपए की मांग कर रहा था। आज हमने भ्रष्ट अधिकारी को एंटी करप्शन की टीम से संपर्क कर गिरफ्तार करवा दिया है।
Published on:
31 Oct 2017 12:48 pm
बड़ी खबरें
View Allमथुरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
