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विहिप नेता चंपत राय का बड़ा बयान, बोले- राम मंदिर निर्माण के बाद कृष्ण मंदिर की बारी

वृंदावन प्रवास पर पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय। मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान को लेकर चल रही गहमा-गहमी के बीच विहिप का क्या स्टैंड रहेगा? इस सवाल पर चंपत राय ने गोलमोल जवाब देते हुए बताया की अभी बारिश का समय है, कीचड़ है, फिसलन का डर रहता है। एक पैर जम जाए तब दूसरा पैर रखा जाएगा।
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मथुरा

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lokesh verma

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Updated: 22 Jan 2022, 5:15 PM IST

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वृंदावन प्रवास पर पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने संतों से मुलाकात की। चंपत राय दो दिन के प्रवास पर वृन्दावन में रहेंगे। राम मंदिर निर्माण का कार्य देख रहे चंपत राय यहां संतों और धर्माचार्यों के साथ बैठक कर मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी। विहिप के उपाध्यक्ष ने बताया कि राम मंदिर का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय नवंबर से देश और प्रदेश के संतों से व्यक्तिगत और सामूहिक मुलाकात की है। वृन्दावन आने से पहले वह नैमिषारण्य, बिठूर, सुकर, वाराणसी, अयोध्या, क्षेत्र आदि स्थानों पर जा कर मुलाकात कर चूके हैं। फरवरी में प्रयागराज में वह संतों से माघ मेले में मिलेंगे। मीडिया से मुखातिब हुए चंपत राय ने बताया कि दिसंबर 2023 तक रामलला को नवनिर्मित मंदिर में विराजमान करा दिया जाएगा। अभी वह लकड़ी के मंदिर में हैं और 28 वर्ष तक टेंट में रहे थे।

चंपत राय ने बताया कि मंदिर के नींव बनाने का काम शनिवार को पूरा हो गया। मंदिर में नींव 12 मीटर गहरी है, जबकि गर्भ गृह में 14 मीटर। चट्टान रूपी नींव में लोहे के एक तार का भी प्रयोग नहीं किया गया। इस नींव के निर्माण में सीमेंट का भी प्रयोग बहुत कम किया है। इसमें आईआईटी मद्रास द्वारा बताए गए मिश्रण का प्रयोग किया है। इसमें 98% घनत्व पर कंक्रीट डाली है। इसमें 1-1 मीटर पर लेयर हैं। गर्भ गृह में 56 व बाहर 48 लेयर हैं। यह काम 9 महीने में पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते से फर्श ऊंचा करने का काम शुरू हो जाएगा। फर्श ऊंचा करने के लिए 5×3×2.5 फ़ीट के 17 हजार ग्रे नाईट के पीस लगाए जाएंगे। यह फर्श करीब साढ़े 6 मीटर ऊंचा उठाया जाएगा। 6 महीने में यह काम पूरा होने के बाद जून से मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।

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2.75 एकड़ में मंदिर का निर्माण होगा। इसके बाद साढ़े 6 एकड़ जमीन को कवर करते हुए 9 मीटर मोटी दीवार बनाई जाएगी। यह भविष्य में कभी आने वाले भूकम्प और जल प्रलय को देखते हुए बनाई जा रही है। पूरे मंदिर निर्माण में 17 लाख घन फ़ीट पत्थर लगेगा। इसमें ग्रे नाईट कर्नाटक से, मंदिर का पत्थर भरतपुर की बयाना तहसील से और मकराने की चौखट लगेंगी। जबकि परकोटे का पत्थर जोधपुर से मंगाया जा सकता है।

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कृष्ण जन्मभूमि पर बोले- एक पैर जमने के बाद रखेंगे दूसरा पैर

मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान को लेकर चल रही गहमा-गहमी के बीच विहिप का क्या स्टैंड रहेगा? इस सवाल पर चंपत राय ने गोलमोल जवाब देते हुए बताया की अभी बारिश का समय है, कीचड़ है, फिसलन का डर रहता है। एक पैर जम जाए तब दूसरा पैर रखा जाएगा। विहिप नेता ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। जबकि पर्वों पर यह संख्या दो से ढाई लाख पहुंच सकती है। मंदिर निर्माण में यात्रियों की भविष्य में आने वाली संख्या का ख्याल रखा जा रहा है।

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