
Premanand Maharaj Padyatra Controversy: "पुराने समय में हवनकुंड से राक्षसों को दिक्कत हुआ करती थी। मनुष्यों को कभी भी भजन से दिक्कत नहीं होती। जो भी प्रेमानंद बाबा की पदयात्रा का विरोध कर रहा, वह शुद्ध रूप से इंसान नहीं है। आगे आप समझदार हो…समझ जाओ वो क्या है? हम ब्रजवासियों से कहेंगे, बाबा से कहेंगे कि आपका भजन बराबर चलने दो, आपकी यात्रा चलने दो, जिनके पेट में दर्द है, वह वृंदावन छोड़कर दिल्ली चले जाएं। क्योंकि वृंदावन में तो राधे ही राधे होगा, आधे-आधे नहीं होगा।"
यह बात धीरेंद्र शास्त्री ने प्रेमानंद महाराज की रात्री यात्रा का विरोध करने वालों के लिए कही। वह आगे कहते हैं, जिन महिलाओं ने बाबा का विरोध किया, हम तो उनसे एक ही अनुरोध करेंगे। एक साधू के भजन में ही रोक लगाओगी देवियों तो तुम इंसान तो हो ही नहीं सकती। जरूरत पड़ने पर हम भी बाबा का साथ देंगे।
वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज हर रात अपने घर से निकलकर केलीकुंज आश्रम तक पद यात्रा करते थे। उनके दर्शनों के लिए हजारों लोग रात से ही लाइनें लगाकर खड़े हो जाते थे। पदयात्रा के समय उत्साही भक्त कई तरह के बैंड बाजे, आतिशबाजी और लाउडस्पीकर पर भजन बजाते थे।
हालांके, कुछ दिन पहले आसपास के कॉलोनी में रह-रहे लोगों ने बाबा के इस पद यात्रा का विरोध किया था। उनका कहना था कि शोर-सराबे से नींद में खलल पड़ता है। इसकी वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शोर से घर में रह रहे बीमार, बुजुर्ग, बच्चों और सुबह काम पर जाने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है।
Updated on:
11 Feb 2025 04:05 pm
Published on:
11 Feb 2025 04:01 pm
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